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मुंबई ‘हाई अलर्ट’ पर… रात गई बात गई!

दिल्ली के बम धमाके ने देश की आर्थिक राजधानी को हाई अलर्ट मोड पर ला दिया है। मुंबई जैसी संवेदनशील नगरी जो रात को भी जागती रहती है, जहां मुंबईकर लोकल ट्रेन, बसों और मेट्रो में लदकर, लटककर जान जोखिम में डालते हुए अपनी जिंदगी गुजारते हैं, क्या उनकी जिंदगी सुरक्षित है? देश के सबसे भीड़-भाडवाले शहर और उससे सटे नई मुंबई व ठाणे में सुरक्षा व्यवस्था कितनी चाक-चौबंद है, इन सबकी पड़ताल की ‘दोपहर का सामना’ की टीम ने।

दिल्ली में कार में धमाके के बाद मुंबई में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने फौरन हाई अलर्ट घोषित कर दिया और टाइट सिक्योरिटी के सख्त आदेश दे दिए। देवेन भारती के ऑर्डर के बाद पुलिस महकमा जबरदस्त ‘एक्टिव’ नजर आया। रात में मुंबई के चप्पे-चप्पे पर पुलिस नजर आई। हर नाके पर नाकाबंदी, रेलवे स्टेशनों पर डॉग स्कॉड की टीम नजर आर्इं। धार्मिक स्थलों और अतिसंवेदनशील क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा नजर आई। रातभर डीसीपी, एसीपी राउंड पर रहे और बंदोबस्त का जायजा लेते रहे। एटीएस और क्राइम ब्रांच की टीम घने आबादीवाले इलाकों पर नजर रखे हुए थीं, लेकिन दूसरे दिन सुबह तस्वीर बदल गई। महत्वपूर्ण ठिकानों में सुरक्षा नजर नहीं आई। दादर, अंधेरी, चर्चगेट और सीएसएमटी स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पुलिस सुरक्षा नजर नहीं आई। बता दे कि मुंबई हमेशा से आतंकवादियों के निशाने पर रही है। यहां कई धमाकों ने सबकुछ अस्त-व्यस्त कर दिया था। १९९३ ब्लास्ट हो या लोकल ट्रेन सीरियल ब्लास्ट या गेटवे ऑफ इंडिया और घाटकोपर धमाका हर मामले में आतंकी कनेक्शन सामने आया। इस लिहाज से मुंबई में हमेशा सिक्योरिटी टाइट रहना जरूरी है।
बेस्ट प्रशासन अलर्ट मोड पर नहीं
मुंबई की पहली लाइफलाइन मुंबई लोकल ट्रेन के बाद लोगों के लिए दूसरी लाइफलाइन कही जानेवाली बेस्ट बस, जिससे कि प्रतिदिन लगभग ३० लाख से अधिक यात्रियों को यात्रा करना होता है। लाखों लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे है, उसके बावजूद न तो बेस्ट बस में चढ़नेवाले लोगों की कोई जांच की जा रही है और न ही बस डिपो के पास कोई सुरक्षा व्यवस्था या सिक्योरिटी देखने को मिली। जगह-जगह सुरक्षा के इंतजाम इसलिए जरूरी हो जाते है, क्योंकि हो सकता है कि इस तरह की ऐसे घटना को अंजाम देनेवाले वो लोग बस में चढ़नेवाली भीड़ में से ही कोई एक हो जिस पर सुरक्षा के लिए किए गए पुख्ता इंतजाम के बीच निगरानी रखी जा सके।
बेस्ट बस की जनसंपर्क महिला अधिकारी सुचेता उथळे से हमने बात की तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि इससे जुड़ा हुआ हमें कोई भी इंस्ट्रक्शंस नहीं दिया गया है।
हालांकि, इस घटना के बाद पुलिस ने सभी यूनिट कमांडरों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। प्रमुख स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और खुफिया इकाइयों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। शहर में नाकाबंदी कर दी गई है और सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए है।

मुंबई लोकल में डरे-डरे हैं यात्री
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद मुंबई और महाराष्ट्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और मुंबई लोकल ट्रेनों के प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है, लेकिन लगता है कि रेलवे प्रशासन ने इसे इतनी गंभीरता से नहीं लिया है। धमाके के दूसरे दिन रेलवे स्टेशनों पर नदारद रही पुलिस सुरक्षा व्यवस्था, यात्री उठा रहे हैं गंभीर सवाल?
स्टेशन की ग्राउंड स्थिति
मीरा रोड से बोरीवली, कांदिवली, मालाड, अंधेरी,खार रोड, बांद्रा, दादर में सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं दिखे थे। एजेंसियों का सुरक्षा हाई अलर्ट केवल कागजों में है, लेकिन जब हमने देखा कि स्टेशन की ग्राउंड स्थिति चिंताजनक है। दिल्ली कार धमाके के बाद स्टेशनों पर अधिक फोर्स डॉग, स्क्वॉड, एंटी-टेरर टीम, अतिरिक्त सुरक्षा केवल रात के समय दिखी थी, लेकिन दूसरे दिन सभी स्टेशनों पर हालात सामान्य दिख रहे हैं।
मालाड स्टेशन पर सुरेश शिंदे ने चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई लोकल को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है। फिर भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। कहीं कोई सुरक्षा नहीं है, जबकि अर्चना पाठक ने बताया कि महिला डिब्बे में भी सब पहले जैसा है। कोई चेकिंग या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं हैं। कुछ बुजुर्ग यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां घटना के बाद ही जगती हैं। जनता को चौकन्ना रहने की जरूरत है।
नई मुंबई में सतर्कता बढ़ी…क्लब–पब पर नहीं दिखा असर, देर रात रही रौनक
दिल्ली बम धमाके के बाद नई मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी चौकसी बढ़ा दी है और वाहनों की तलाशी ली जा रही है, लेकिन क्लब-पब और बार पर इसका कोई असर नहीं दिखा और देर रात तक रौनक बनी रही।
दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद पूरे महाराष्ट्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इसी क्रम में नई मुंबई पुलिस ने भी गुरुवार देर रात शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया। पुलिस टीमों ने रात भर गश्त बढ़ाकर प्रमुख जंक्शनों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख एंट्री–एग्जिट प्वाइंट्स पर नाकाबंदी लगाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। स्कूटर, बाइक, थ्री–व्हीलर से लेकर चार पहिया वाहनों की भी तलाशी ली गई। कई स्थानों पर पुलिस ने नागरिकों के पहचान पत्र भी चेक किए और यात्रियों से तलाशी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। दिल्ली में हुए धमाके के बाद पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हमारी टीमें रातभर विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर रही हैं। सुरक्षा में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जा रही। हालांकि, सुरक्षा का यह असर नाइट लाइफ पर देखने को नहीं मिला। नई मुंबई में क्लब, पब और बार पहले की तरह खुले रहे और इन स्थानों पर भीड़ सामान्य दिनों की तरह नजर आई। देर रात तक युवाओं की भीड़ क्लबों के बाहर और पार्विंâग में जुटी रही, जिससे यह साफ दिखा कि सुरक्षा अलर्ट का नाइट लाइफ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में पुलिस की गतिविधियां बढ़ने से सुरक्षा का एहसास जरूर हुआ, लेकिन दूसरी ओर लोगों की आवाजाही और मनोरंजन स्थलों की रौनक पहले जैसी ही बनी रही।
पुलिस ने बताया कि आनेवाले कुछ दिनों तक यह सुरक्षा व्यवस्था इसी तरह जारी रहेगी और सेंसिटिव जोन में विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें।

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