मुख्यपृष्ठस्तंभपूर्वांचल पॉलिटिक्स : `ये तो भाजपा की साजिश है'

पूर्वांचल पॉलिटिक्स : `ये तो भाजपा की साजिश है’

हिमांशु राज

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर कड़ा प्रहार किया है। मौर्य ने धीरेंद्र शास्त्री को देशद्रोही और संविधानद्रोही कहते हुए गहरा आरोप लगाया कि हिंदू राष्ट्र की मांग देश के खिलाफ गद्दारी है। उन्होंने कहा कि यह पूरी यात्रा, जिसे धीरेंद्र शास्त्री चला रहे हैं, समाज में फूट डालने और अराजकता पैâलाने का हिस्सा है। मौर्य ने इसे भाजपा की साजिश बताया, जो इन गद्दारों का महिमामंडन कर उन्हें पूरे देश में यात्रा कराने का काम कर रही है।
पूर्व मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे लोग जो देश की एकता को तोड़ने का काम करते हैं, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि आज प्रदेश में छात्र और युवा परेशान हैं, जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जी रही है। मौर्य का आरोप है कि योगी सरकार ने प्रदेश को जंगलराज में बदल दिया है, जहां अराजकता व्याप्त है। धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा का उद्देश्य सनातन एकता को मजबूत करना बताया जाता है, जिसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण, यमुना नदी की सफाई और मांस-मदिरा मुक्त ब्रज क्षेत्र शामिल है। हालांकि, मौर्य इसे एक राजनीतिक साजिश बताते हैं, जो संविधान और राष्ट्रीयता के विरुद्ध है। उनका मानना है कि धर्म के नाम पर हो रही यह राजनीति देश की एकता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए खतरा है। यह बहस प्रदेश की राजनीति में गहरा विभाजन पैदा कर रही है। जहां एक ओर मौर्य का यह कड़ा रुख भाजपा की नीतियों की आलोचना करता है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और उसके समर्थक इसे धर्म और सांस्कृतिक चेतना का प्रचार मानते हैं। इस तरह यह विवाद न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक स्तर पर भी तनाव और ध्रुवीकरण को जन्म दे रहा है। आने वाले समय में यह मामला राजनीतिक रणनीतियों और समाजिक रिश्तों पर असर डालने वाला दिखता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान ने राजनीति के नए तूफान को जन्म दिया है, जो उत्तर प्रदेश में अगले चुनावों के माहौल को भी प्रभावित करेगा। धर्म और राजनीति के बीच इस संघर्ष ने समाज में चेतना और सोच के नए द्वंद्व को जन्म दिया है, जो चुनौतीपूर्ण है।

अन्य समाचार