सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा चुनाव के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची में गंभीर खामियां और गड़बड़ियां पाई गई हैं। चुनाव पारदर्शी हों, इसके लिए मतदाता सूची में मौजूद सभी खामियों को तत्काल दूर करने की मांग शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे तथा मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कल राज्य चुनाव आयोग से की। इस संदर्भ में राज्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र सौंपा गया है।
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे और मनसे नेता बाला नांदगावकर, तथा महाविकास आघाड़ी के अन्य नेता मिलकर राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे से मिले और उन्हें यह पत्र सौंपा। पत्र में कहा गया है कि त्रुटिरहित मतदाता सूची देने का आश्वासन देने के बावजूद चुनाव आयोग ने गलतियों में सुधार नहीं किया है। ऐसे में आयोग का अभिनंदन करें या खेद व्यक्त करें, यह भी समझ में नहीं आ रहा है।
नई सूची में मतदाता का पता तक नहीं
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नई सुधारित मतदाता सूची में मतदाता पुरुष है या महिला, इसका कोई उल्लेख नहीं है। इसके साथ ही मतदाता का पता भी सूची में दर्ज नहीं है। अब मतदाता चोरी करने का काम किया जा रहा है। पत्र में इस गंभीर त्रुटि की तरफ ध्यान दिलाया गया है, जबकि आयोग ने आश्वासन दिया था कि बिना किसी गलती के संशोधित सूची प्रकाशित की जाएगी और प्रतिनिधिमंडल की सभी सलाहों का पालन किया जाएगा। सवाल किया गया कि चुनाव आयोग ने १३ महीनों तक मतदाता सूची प्रकाशित नहीं की। जो सूची ६ नवंबर २०२५ को प्रकाशित होनी थी, वह देर से २० नवंबर को क्यों जारी की गई? उस सूची पर आपत्तियां दर्ज करने के लिए मात्र ८ दिन ही क्यों दिए गए? पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने माना है कि राज्य में लगभग १० लाख डुप्लीकेट मतदाता हैं। ऐसे में इन नामों को हटाने और संशोधन के लिए सात-आठ दिन का समय पूरा नहीं पड़ेगा। लोगों को २१ दिन का समय दिया जाना चाहिए। अगर इसमें चुनाव आयोग असफल होता है तो चुनाव को रद्द करें। फिर पहले सूची में सुधार करें फिर चुनाव कराएं।
२०१४ के बाद ठीक से मतदाता सूची प्रकाशित ही नहीं हुई
पत्र में यह भी बताया गया कि चुनाव आयोग ने आखिरी बार मतदाता सूची ३० अक्टूबर २०१४ को प्रकाशित की थी। उसके बाद सूची को निर्धारित समयानुसार प्रकाशित ही नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, हर वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह में सूची प्रकाशित होनी चाहिए और हर तीन महीने में इसका संशोधित संस्करण जारी होना चाहिए।
