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सिस्टम की नाकामी ने १६ को मार डाला!

 -इंदौर-पानी दूषित मामले में सोशल मीडिया पर उठे सवाल

-पब्लिक बोली, `ये हादसा नहीं हत्या है’

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित सरकारी पानी पीने से अब तक १६ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब २०० लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें ४ की हालत गंभीर बनी हुई है। इस पूरे संकट से लगभग १,५०० लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के सबसे साफ शहर के रूप में प्रचारित इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जिस शहर की तस्वीर देश के सामने मिसाल के तौर पर रखी जाती है, वही सिस्टम अपने ही नागरिकों की जान नहीं बचा सका। सवाल सीधा है कि वर्षों से हो रही इस अनदेखी और देरी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। इस घटना को लेकर अब सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो चुकी है, जहां मौत के लिए भाजपा राज में प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। विपक्ष का कहना है सिस्टम की नाकामी की वजह से ही १६ निर्दोष लोगों की जान गई है। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस मामले के लिए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि यह हादसा नहीं हत्या है।
टॉयलेट वाला पानी पीकर गई १६ लोगों की जान
इस हादसे के बाद से पूरे शहर में मातम का माहौल है। नर्मदा लाइन से सप्लाई हो रहे पानी की जांच में मल मूत्रजनित पेशाब और जानलेवा बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई। भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपल की जांच में फीकल कॉलीफॉर्म, ई कोलाई और क्लेस बेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए।
३ साल से लोग पी रहे थे `जहर’
यह मामला केवल पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है। नगर निगम इंदौर की ३ साल पुरानी आंतरिक नोटशीट से खुलासा हुआ है कि भागीरथपुरा में लोग तीन साल से ज्यादा समय से गंदा पानी पीने को मजबूर थे।
मनोज झा ने विजयवर्गीय से पूछा सीधा सवाल
‘क्या आप वो पानी पिएंगे?’
बिहार से आरजेडी नेता मनोज झा ने इंदौर जल प्रदूषण त्रासदी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के लिए ये मौतें बस सरकारी आंकड़े हैं। उन्होंने वैâलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए कहा कि आप खुद वो पानी कभी नहीं पिएंगे और जो मर जाएगा उसे मुआवजा देंगे। मरने वाले सिर्फ एक आंकड़ा नहीं हैं। हर मौत आपके सरकार फाइल में आंकड़ा है। लेकिन वो परिवार के लिए आंकड़ा नहीं है। आप मुआवजा दे देते हैं फिर हम अगले आंकड़े का इंतजार करते हैं।‘ उन्होंने सवाल करते हुए कहा, `इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी क्यों चुप हैं?
पुराने टैंकरों से सप्लाई किया जा रहा है पानी
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइपलाइन से दूषित पानी के चलते लोगों की मौत के बाद साफ पानी के नाम पर इस इलाके में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इन टैंकरों की हालत इतनी खराब है कि इनका पानी पीना भी मुश्किल है, जिससे बाद स्थानीय लोगों में बेहद आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के द्वारा इन इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए ४० साल पुराने टैंकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो निर्माण कार्य में उपयोग आते हैं। लोगों का कहना है कि ये पानी पीने लायक नहीं है।

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