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मुंबई के उपनगरों में नशे की बाढ़… नागपुर रूट से मायानगरी तक नशे की एंट्री!.. रेलवे रूट से फल-फूल रहा संगठित रैकेट

सुनील ओसवाल/ मुंबई

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नशे का कारोबार तेजी से पैर पसारता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नागपुर-दिल्ली रेलवे रूट के जरिए गांजा, ड्रग्स और नकली शराब की खेप मुंबई तक पहुंच रही हैं, जिससे शहर के उपनगर और झुग्गी इलाकों में नशे की उपलब्धता बढ़ती जा रही है।
मुंबई में फैलते नशे के कारोबार के पीछे का संगठित नेटवर्क अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की हालिया कार्रवाइयों में यह स्पष्ट हुआ है कि नागपुर-दिल्ली रेलवे मार्ग न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि गांजा, ड्रग्स और नकली शराब की तस्करी के लिए भी एक प्रमुख कॉरिडोर बन चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आने वाला गांजा पहले नागपुर पहुंचता है। वहां से इसे रेलवे पार्सल, एक्सप्रेस ट्रेनों और सड़क मार्ग के जरिए कुर्ला, दादर, भांडुप, मानखुर्द, गोवंडी, ठाणे और नवी मुंबई जैसे इलाकों तक पहुंचाया जाता है। लोकल ट्रेनों से जुड़े भीड़भाड़ वाले स्टेशनों का इस्तेमाल कर तस्कर आसानी से खेप आगे बढ़ा देते हैं। हाल ही में नागपुर रेलवे डिवीजन में चलाए गए अभियान में ३३ मामलों में गांजा जब्त किया गया, जिसके तार मुंबई तक जुड़े पाए गए हैं। मुंबई पुलिस का कहना है कि शहर में पकड़ी जा रही कई खेपों का स्रोत यही रूट है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तस्कर अब महिलाओं, दिहाड़ी मजदूरों और बाहर से आए कामगारों को वैâरियर बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि शक न हो। कई बार छोटे पैकेट बनाकर माल को अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता है। ड्रग्स के साथ-साथ नकली शराब का कारोबार भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।
फैल रहा ड्रग्स के साथ नकली शराब का जाल
मुंबई के बाहरी उपनगरों, ढाबों और अवैध बारों में सस्ती, जहरीली शराब की सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह शराब सेहत के लिए बेहद खतरनाक है और इससे जान जाने की घटनाओं का खतरा बना रहता है। मुंबई पुलिस, रेलवे पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने शहर में निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि जब तक सप्लाई रूट और ट्रांजिट पॉइंट्स पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक इस नेटवर्क को तोड़ना मुश्किल है। नशे की बढ़ती आमद ने एक बार फिर मुंबई की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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