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मुस्लिम वर्ल्ड : ‘अमेरिकी सैन्य अड्डों को उड़ा देंगे’… ईरान ने सीधे ट्रंप को धमकाया

सूफी खान

ईरान में जेन जी का विद्रोह तेज हो गया है। देश की खराब इकोनॉमिक कंडीशन को लेकर लोग सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने साफ कह दिया है कि दंगाइयों पर सख्ती की जरूरत पड़े तो की जाए। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ये टिप्पणियां एक सप्ताह से जारी प्रदर्शनों के प्रति अधिकारियों को अधिक आक्रामक रुख अपनाने की अनुमति देने का संकेत प्रतीत होती हैं।
हजरत अली की विलादत की सालगिरह के मौके पर एक भाषण में खामेनेई ने कहा कि ‘राष्ट्रपति और बड़े अधिकारी प्रतिबंधों से जूझ रहे देश में आर्थिक मुश्किलों को हल करने के लिए काम कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दुकानदारों ने इस स्थिति का विरोध किया है और यह बिल्कुल सही है।’ लेकिन खामेनेई ने फिर भी चेतावनी दी कि अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों से तो बातचीत करनी चाहिए, लेकिन दंगाइयों से बातचीत करना बेकार है। उन्हें उनकी जगह दिखानी होगी।
ईरान से जो आंकड़े आ रहे हैं, उनमें प्रदर्शन के दौरान ८ लोगों की जान चली गई है। ३० से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप लग रहा है कि गिरफ्तार लोग ईरान की पिछली शाह राजशाही के समर्थक हैं और उनका कनेक्शन सीधे अमेरिका में बैठे रेजा शाह पहलवी परिवार से है। वहीं ईरान के पश्चिमी सूबे में एक प्रदर्शन के दौरान ईरानी पैरामिलिट्री फोर्स, जिन्हे वहां बसीजी कहा जाता है, का एक सदस्य मारा गया। बसीजी के एक सदस्य अली अजीजी को हरसिन शहर में हथियारबंद दंगाइयों की भीड़ के दौरान चाकू मारा और गोली मारी गई, जिससे वह मारे गए।  इस तरह की जानकारी ईरान का सरकार समर्थित मीडिया दे रहा है।
खबर है कि सरकार विरोधी प्रदर्शन ईरान के ५० से ज्यादा शहरों में बढ़ गए हैं। ईरान में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को धमकी दी थी । जिस पर ईरान ने भी जोरदार जवाब दिया था ।  ईरान ने कहा कि अगर यूएस ने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे और फोर्स टारगेट बन जाएंगे। गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट के अरब देशों में अमेरिका के कई सैन्य अड्डे और एयरबेस मौजूद हैं। पिछले साल जून में ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिकी बेस को ही निशाना बनाया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का प्रयोग किया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। इस बयान पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनी के वरिष्ठ सलाहकार भी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप से पूरे क्षेत्र में अराजकता पैâल सकती है।
इधर वेनेजुएला पर अमेरिका के अटैक के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘जब किसी को यह एहसास हो कि कोई दुश्मन झूठे दावों के साथ उसकी सरकार या देश पर कुछ थोपना चाह रहा है, तो उस दुश्मन के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने की जरूरत है। हम उनके आगे नहीं झुकेंगे। ऊपर वाले पर भरोसे और लोगों के समर्थन के विश्वास के साथ, दुश्मन को घुटनों पर ला देंगे।’

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