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डिजिटल अरेस्ट का नया खेल…अब ऑनलाइन नहीं, कैश में वसूली!

-मुंबई में महिला से ६० लाख नकद ठगे…वीडियो कॉल से डराकर ‘फर्जी पुलिस’ ने रची साजिश

सामना संवाददाता / मुंबई

साइबर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदलते हुए अब ऑनलाइन ट्रांसफर के बजाय सीधे नकद वसूली शुरू कर दी है। मुंबई में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ५८ वर्षीय महिला से ६० लाख रुपए नकद वसूल लिए और फरार हो गए। इस तरह की यह पहली घटना मानी जा रही है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला के पति का पिछले साल अप्रैल में निधन हो गया था। उनके पति ने बिजनेस के लिए अलग-अलग बैंकों से करीब एक करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसकी १.१ लाख रुपये मासिक ईएमआई अभी भी परिवार चुका रहा है। पति की मौत के एक महीने बाद महिला को एक अनजान व्यक्ति का वीडियो कॉल आया, जिसने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। उसने महिला को बताया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक बैंक खाता खोला गया है, जो १.५ करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। ठगों ने महिला को गिरफ्तारी की धमकी देकर उसकी बैंक डिटेल्स मांगीं। जब महिला ने सवाल किया कि मामला दिल्ली में क्यों है, जबकि वह मुंबई में रहती है, तो कॉल तुरंत ‘वेस्टर्न मुंबई’ में मौजूद एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दीया गया, जो डीसीपी की वर्दी में बैठा दिखाई दिया। एफआईआर के मुताबिक, डीसीपी बनकर बात करने वाले आरोपी ने महिला से कहा कि वह अपने सभी कर्ज चुका दे, ताकि वह खुद को केस में निर्दोष साबित कर सके। इसके लिए आरोपी ने महिला से उसकी जमीन के ७/१२ एक्सट्रैक्ट की जानकारी ली, उसकी फोटो मंगवाई और प्रॉपर्टी बेचने का दबाव बनाया।

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