– २८,००० करोड़ रुपए के पैकेज पर टूटी हड़ताल
-९,००० करोड़ रुपए अतिरिक्त फंड का एलान
-वर्ष २०२७ तक मिला प्रोजेक्ट विस्तार
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में ठेकेदारों की हड़ताल ने आखिरकार सरकार को बैकफुट पर ला दिया और दबाव के आगे महायुति सरकार को यू-टर्न लेना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए थे कि राज्यभर में विकास कार्य ठप पड़ गए, जिसके बाद सरकार ने खजाना खोलकर २८,००० करोड़ रुपए के बड़े पैकेज का एलान किया। इसके साथ ही ९,००० करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी देते हुए चल रही सभी व अधूरी परियोजनाओं को वर्ष २०२७ तक विस्तार देने का पैâसला लिया। इन बड़े पैâसलों के बाद ठेकेदारों की बगावत थम गई और हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी गई, जिससे अब रुकी हुई परियोजनाओं के फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है।
बता दें कि ठेकेदारों ने ७ अप्रैल से काम बंद कर दिया था और साफ चेतावनी दी थी कि ३१ मार्च २०२६ तक उनका बकाया भुगतान किया जाए। जैसे ही सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण कार्यों पर असर दिखने लगा, सरकार हरकत में आई और तुरंत बातचीत का रास्ता अपनाया। सतारा स्थित मंत्री के आवास पर बुलाई गई आपात बैठक में कई घंटों तक चली चर्चा के बाद यह गतिरोध खत्म हुआ। सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग के मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले द्वारा ९,००० करोड़ रुपयों की अतिरिक्त धनराशि, २८,००० करोड़ रुपयों के भुगतान पैकेज, बढ़ती महंगाई व निर्माण सामग्री की लागत को देखते हुए राज्यभर के सभी अधूरे और चल रहे प्रोजेक्ट्स को बिना शर्त मार्च २०२७ तक बढ़ाने का एलान किय गया। इसके बाद ठेकेदारों ने सर्वसम्मति से हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज
नकदी संकट से जूझ रहे ठेकेदारों को राहत देते हुए सरकार ने यह भी अनुमति दी कि वे अपने बिल तुरंत जमा करें। साथ ही अधिकारियों को तेजी से भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संकेत दिए गए हैं कि इसी तरह की सुविधा अन्य बजट मदों में भी जल्द लागू होगी। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने कदम उठाने का दावा किया है। १.५ करोड़ रुपए तक के छोटे कार्यों का आवंटन तत्काल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा १,२०० करोड़ रुपए के अतिरिक्त प्रावधान के साथ नए कार्यों को भी मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। पीडब्ल्यूडी सचिव के साथ घंटों चली बैठक में ठेकेदारों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जल्द शुरू होगी संशोधन प्रक्रिया
एक बड़ा मुद्दा डीएसआर (डिजिटल स्टैंडर्ड रेट) का भी था, जिसमें पिछले चार साल से कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि ठेकेदारों से चर्चा के बाद नागपुर में मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में बैठक कर जल्द संशोधन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने ठेकेदारों के पंजीकरण नवीनीकरण के नियमों में भी ढील देने का पैâसला किया है, ताकि तकनीकी अड़चनों के कारण काम प्रभावित न हो। साथ ही शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए अलग तंत्र बनाने की भी घोषणा की गई है।
