मुख्यपृष्ठनए समाचारनाटिका व प्रस्तुतियों से बच्चों ने जगाई सामाजिक चेतना

नाटिका व प्रस्तुतियों से बच्चों ने जगाई सामाजिक चेतना

राजेश सरकार / प्रयागराज

मंदर मोड़ स्थित क्राइस्ट ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में सोमवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पूर्व एक उद्देश्यपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उनके विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सामाजिक समानता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका रही, जिसमें बाबा साहेब के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को सजीव रूप में मंचित किया गया। नाटिका में उनके बचपन से लेकर संविधान निर्माण तक की यात्रा को दर्शाते हुए छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ उनके संघर्ष और समान अधिकारों की स्थापना के संकल्प को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और भाषण के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। वक्ताओं ने उनके संविधान सभा में योगदान, सामाजिक न्याय की स्थापना तथा दलित, वंचित और महिलाओं के उत्थान को किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या सिस्टर सौमिनी (सीएसएन) ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और समर्पण आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का आह्वान किया। विद्यालय द्वारा जयंती से एक दिन पूर्व आयोजित यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को बाबा साहेब के विचारों से जोड़ने और सामाजिक समरसता का संदेश देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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