जेदवी / मुंबई
मालाड के मालवणी क्षेत्र स्थित जनकल्याण रोड पर चल रहा सड़क कंक्रीटीकरण का काम स्थानीय नागरिकों के लिए भारी मुसीबत बन गया है। कई महीनों से जारी इस अधूरे काम के कारण सड़क का आधा हिस्सा खोदकर बैरिकेड लगा दिए गए हैं, जिससे पूरा मार्ग संकरा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि एक समय में केवल एक ही चारपहिया वाहन निकल पा रहा है, जबकि दोपहिया चालक और पैदल यात्री जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं।
हालांकि इस मार्ग पर एकतरफा यातायात लागू किया गया है, लेकिन कई वाहन चालक नियमों को धता बताते हुए मार्वे रोड की ओर से जनकल्याण रोड में घुस जाते हैं। नतीजतन, दोनों दिशाओं से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। जाम में फंसे लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पैदल यात्रियों के लिए उखड़ी और खुदी सड़क से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है।
शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे ट्रैफिक जाम अपने चरम पर पहुंच गया। लगातार बजते हॉर्न से पूरा इलाका गूंज उठा और माहौल पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इसी अफरा-तफरी के बीच एक ५५ वर्षीय पैदल यात्री को वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे लोहे का बैरिकेड उसके ऊपर गिर पड़ा। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से तुरंत बैरिकेड हटाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में उसे मामूली चोट आई, लेकिन वह काफी घबरा गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फिलहाल इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही के कारण लोगों को हर पल दुर्घटना का डर बना रहता है। इसके अलावा धूल और लगातार बजते हॉर्न से इलाके में वायु और ध्वनि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ गया है।
गौरतलब है कि इस सड़क पर स्कूल, बैंक और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं, जिसके कारण यहां पहले से ही यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में अधूरे निर्माण कार्य ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय नागरिक कृष्णा वाघमारे का कहना है कि यह क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है, इसलिए कंक्रीटीकरण का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। क्षेत्र के लोगों ने यातायात पुलिस और मनपा से मांग की है कि यहां तुरंत पुलिसकर्मियों की तैनाती कर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
