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तालाब की खामोशी में दबी चीख… चारा डालने गया युवक रहस्यमयी हालात में डूबा, मौत ने छोड़े कई सवाल

राजेश सरकार / प्रयागराज

कमिश्नरी के बहरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह भवानापुर गांव का तालाब, जहां रोज की तरह मछलियों को चारा डाला जाना था, वहीं एक अनहोनी घटना हो गई। सुबह करीब दस बजे सुजीत कुमार तालाब किनारे पहुंचे। सब कुछ सामान्य था लेकिन अगले ही पल हालात ऐसे बदले कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि जैसे ही सुजीत ने चारा डालने के लिए कदम बढ़ाया, उनका संतुलन बिगड़ा और वे सीधे तालाब के गहरे पानी में जा गिरे। तालाब की सतह कुछ क्षणों के लिए हलचल में रही… फिर सब कुछ शांत हो गया। यह सन्नाटा अब एक दर्दनाक सच छुपा चुका था। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की भीड़ तालाब के किनारे जुट गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुजीत को बाहर निकाला गया, पर उनकी सांसें थम चुकी थीं। मृतक की पत्नी ने बहरिया पुलिस को तहरीर देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काफी देर तक नहीं लौटने पर पति को देखने तालाब की तरफ गई। देखा कि पति का रुमाल तालाब में तैर रहा था। वहीं थानाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सुजीत का पैर फिसलने से वे गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी डूबकर मौत हो गई। हालांकि तालाब के उस शांत पानी में उठे सवाल अब भी लहरें मार रहे हैं, क्या यह महज हादसा था, या इसके पीछे कोई और परत छुपी है? फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में पसरा सन्नाटा इस घटना की गूंज को और गहरा कर रहा है।

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