सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार के मंत्री, विधायक और नगरसेवक तक घोटाले पर घोटाले करने में व्यस्त हैं। तमाम आरोपों के बाद भी सरकार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं करती है। अब नासिक रोड की एक जमीन भाजपाई निगल गए हैं। यह आरोप शिवसेना विधायक अनिल परब ने लगाया है।
बता दें कि नासिक में पहले से चर्चित म्हाडा हाउसिंग घोटाले के बीच अब एक और बड़े भूमि घोटाले का मामला उजागर हुआ है। भाजपाई नेता ने अधिकारियों के मदद से इस बड़े भूखंड पर कब्जा कर लिया है।
भाजपा नगरसेवक ने हड़पा खेल के लिए आरक्षित भूखंड!
भाजपा नगरसेवक द्वारा खेल के लिए आरक्षित भूखंड हड़पने के गंभीर मामले के चलते राज्य सरकार पर कड़े सवाल उठने लगे हैं। यह भूमि नासिक में है। शिवसेना विधायक अनिल परब ने आरोप लगाया है कि सिडको के नेबरहुड सेक्टर में एक आरक्षित भूखंड, जो खेल और सामाजिक सुविधाओं के लिए निर्धारित था, उस पर अवैध रूप से ‘मंगल कार्यालय’ का निर्माण किया गया। यह जमीन म्हाडा के अधीन बताई जा रही है। इस मामले में उन्होंने भाजपा के एक नगरसेवक और मनपा के तत्कालीन अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया है।
परब के अनुसार, इस कथित घोटाले में तत्कालीन कार्यकारी अभियंता राजेंद्र आहेर और राहुल मालपाणी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल एसआईटी गठित करने की मांग की है। गौरतलब है कि इससे पहले भी नासिक में हाउसिंग घोटाले को लेकर सदन में मुद्दा उठ चुका है, जिसकी जांच के लिए समिति गठित की गई है। अब लगातार सामने आ रहे घोटालों के कारण नासिक में भूमि और आवास से जुड़े मामलों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
