मुख्यपृष्ठनए समाचारमहाराष्ट्र में महायुति बढ़ाएगी कर्ज का मर्ज!..वित्त विभाग ने किया विरोध फिर...

महाराष्ट्र में महायुति बढ़ाएगी कर्ज का मर्ज!..वित्त विभाग ने किया विरोध फिर भी सरकार और लेगी ऋण

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र इन दिनों बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। सरकार का खजाना खाली हो चुका है। एक तरफ जहां कर्मचारियों को वेतन देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं तो दूसरी तरफ तमाम योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। सरकार इसका ठीकरा लाडली बहनों पर फोड़ रही है। पर वास्तव में यह सरकार के मिस मैनेजमेंट का नतीजा है। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार पर १० लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। इसके बावजूद सरकार और कर्ज लेने की तैयारी में है।
राज्य में मूलभूत विकास परियोजनाओं को पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने कर्ज लेने का पैâसला किया है। खास बात यह है कि वित्त विभाग ने पहले ही अधिक कर्ज लेने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। इसके बावजूद एक दिन पहले सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचागत विकास को गति देने के बाद कर्ज लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की मूलभूत सुविधा विकास समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने वित्त विभाग के कड़े विरोध को दरकिनार करते हुए (एमएसआरडीसी) को तीन महत्त्वाकांक्षी द्रुतगति महामार्ग परियोजनाओं के लिए सरकारी गारंटी पर कर्ज लेने की अनुमति दे दी है। इनमें नागपुर–गोंदिया, भंडारा–गडचिरोली और नागपुर–चंद्रपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विदर्भ क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करना और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इन पैâसलों से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री का निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए स्पष्ट कार्यान्वयन समयसीमा तय की जाए, निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और भूमि अधिग्रहण के लिए कर्ज जुटाने के प्रस्ताव पर वित्त विभाग के साथ समन्वय कर शीघ्र निर्णय लिया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि ये सभी परियोजनाएं अगले छह वर्षों में पूरी हों। इसके साथ ही कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत सड़क, जल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

अन्य समाचार