मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद गांव में चार सगे भाई-बहनों की निर्मम हत्या से पूरा इलाका शोक में डूब गया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही चारों बच्चों के शव गांव पहुंचे, हर ओर चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को भीतर तक झकझोर गया।
गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफनाया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कई थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
शनिवार को एक घर के भीतर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे। प्रारंभिक जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया है। आशंका है कि बच्चों को पहले नशीला या विषैला पदार्थ दिया गया, इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं।
परिवार के लोगों ने इस मामले में कई सवाल उठाए हैं। बच्चों के नाना ने कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून ऐसा कृत्य नहीं कर सकती और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि परिवार में कोई बड़ा विवाद नहीं था और किसी रंजिश के तहत मामले को गलत दिशा दी जा रही है।
वहीं, मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने भी आशंका जताई कि इस घटना में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे में दीवारों और बिस्तर पर खून के छींटे मिले हैं। बच्चों के उल्टी करने के निशान भी पाए गए हैं, जिससे संदेह है कि उन्हें पहले कोई विषैला पदार्थ दिया गया। हालांकि, घटनास्थल से कोई ठोस हथियार बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और फरार मां की तलाश जारी है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा सदमा और भय का माहौल बना हुआ है।
