अमेरिका में विश्लेषित दुर्घटनाग्रस्त चीनी विमान के डेटा रिकॉर्डर से पता चला है कि उसके दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच एक साथ कट-ऑफ स्थिति में चले गए थे। प्रâीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान जब २९,००० फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, तब दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए। इसके बाद इंजनों की गति घटने लगी। चौंकाने वाली बात यह भी है कि चीन के विमानन नियामक इस मामले पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना यानी सीएएसी ने दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी इस हादसे पर कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है। इधर, भारत सरकार/पीआईबी के १२ फरवरी २०२६ के स्पष्टीकरण के अनुसार, एएआईबी ने साफ कहा है कि अमदाबाद में एआई १७१ हादसे की जांच अभी जारी है, कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद प्रकाशित की जाएगी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, एआई १७१ के टेकऑफ के बाद विमान ने लगभग १८० नॉट्स की अधिकतम रिकॉर्डेड एयरस्पीड हासिल की। इसके तुरंत बाद इंजन १ और इंजन २ के फ्यूल कटऑफ स्विच `रन’ से `कटऑफ’ स्थिति में चले गए, दोनों के बीच लगभग १ सेकंड का अंतर था। इसके बाद दोनों इंजनों की गति घटने लगी क्योंकि ईंधन आपूर्ति कट चुकी थी। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था कि उसने कटऑफ क्यों किया, जबकि दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट में यह बात दर्ज है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति पर अंतिम दोष तय नहीं किया गया है। इसके बाद दोनों फ्यूल कटऑफ स्विच फिर से `कटऑफ’ से `रन’ स्थिति में आए। इंजन १ में रिकवरी शुरू हुई, इंजन २ ने भी रिलाइट किया, लेकिन उसकी कोर स्पीड गिरावट रोक नहीं पाई। लगभग ०८:०९:०५ यूटीसी पर पायलट ने ‘मेडे,मेडे,मेडे’ कहा। रिकॉर्डिंग ०८:०९:११ यूटीसी पर रुक गई। लिहाजा मीडिया में पायलट, तकनीकी खराबी या इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी को लेकर जो दावे चल रहे हैं, उन्हें अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
