सूफी खान
क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने वाली हैं? ये बड़ा सवाल दुनिया के सामने मुंह बाए खड़ा है, क्योंकि ईरान ने एक ऐसा कदम उठा लिया है जिसने अमेरिका समेत पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले जहाजों से अब ‘टोल टैक्स’ यानी वसूली करने का एक नया और सख्त नियम तैयार कर लिया है। ईरान का यह नया मास्टर प्लान अमेरिका को बुरी तरह भड़का सकता है।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बड़ा ऐलान कर दिया है। दरअसल, ईरान ने होर्मुज से ट्रेफिक को कंट्रोल में रखने के लिए एक नया सिस्टम इजाद कर लिया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वो होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स लेगा, इसके बदले में इन जहाजों को विशेष सेवाएं भी ईरान की तरफ से दी जाएंगी। टैक्स देने वाले जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित समुद्री रास्ता मिलेगा। ईरान की नेवी खुद इन जहाजों की हिफाजत करेगी।
लेकिन ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने ये भी साफ कह दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट का यह समुद्री रास्ता उन ऑपरेटरों और जहाजों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा, जो अमेरिका के ‘प्रâीडम प्रोजेक्ट’ का समर्थन करते हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने होर्मुज खोलने के लिए प्रâीडम प्रोजक्ट चला रखा है। जिसके तहत वो खुद को होर्मुज को ब्लॉक कर रहा है लेकिन अपने दोस्त मुल्कों से कह रहा है कि आओ सब मिलकर होर्मुज को ईरान से आजाद करवाते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले से ही भारी विवाद चल रहा है। ऐसे में ईरान द्वारा रूट ब्लॉक करने और टोल वसूलने का यह नया प्लान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बेहद नाराज कर सकता है, जिससे फारस की खाड़ी में सैन्य टकराव का खतरा कई गुना बढ़ गया है। खास बात तो ये है कि जंग से पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुला था। दोस्त हों या दुश्मन ईरान सभी के जहाज जाने देता था। कोई पैसा भी नहीं वसूला जाता था। लेकिन जब इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान पर २८ फरवरी को हमला किया, उसके सुप्रीम लीडर को मार दिया, मिनाब में बच्चियों के एक स्कूल को ध्वस्त कर दिया, उससे ईरान का गुस्सा चरम पर पहुंच गया और उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल हासिल कर लिया। तब से अब तक अमेरिका कई बार होर्मुज खुलवाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन ईरान ने अमेरिका समेत दुनिया की इस दुखती नब्ज को जोर से दबा दिया है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में अब ईरान ने इस पूरे समुद्री गलियारे को अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है। ईरानी सेना ने यह साफ कर दिया है।
ईरान के नए ऐलान से ये भी साफ हो गया है कि अब वही तय करेगा कि होर्मुज से कौन से जहाज गुजरेंगे और किन देशों को अनुमति दी जाएगी। अगर ईरान ने इस रूट को पूरी तरह बाधित किया या टैक्स के नाम पर जहाजों को रोका, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई ठप हो सकती है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में हाहाकार मच सकता है।
