मनमोहन सिंह
सुन, ये मोबाइल की दुनिया में एक नया लोचा चालु हुएला है, जिसको अपन ‘वेडिंग कार्ड का झोल’ बोल सकते हैं। आजकल शादियों का सीजन है, तो ये स्कैमर्स लोग पब्लिक की फीलिंग्स के साथ खेल रैले हैं।
होता क्या है, तेरे व्हॉट्सऐप पे एक मेसेज आएंगा। सामनेवाला बोलेगा, ‘अरे भाई, मेरी शादी है, ये रहा डिजिटल कार्ड, जरूर आना!’ अब अपने को लगता है कि किसी पैचान वाले का होगा और अपन बिना सोचे उस पे टैप कर देते हैं। पर असली गेम उदरी से चालू होता है। उस मेसेज के साथ एक फाइल होती है, जिसको ‘Aझ्ख्’ फाइल बोलते हैं। जैसे ही तूने उस कार्ड को देखने के चक्कर में वो फाइल डाउनलोड की, समझ ले तेरी वाट लग गई!
ये फाइल कोई कार्ड-वार्ड नहीं है, ये एक डेंजरस वायरस है। एक बार ये तेरे फोन में घुसा, तो ये तेरे फोन का रिमोट कंट्रोल बन जाता है। तेरे बैंक का पासवर्ड, तेरे ओटीपी, तेरी फोटो, सब उन स्वैâमर्स के हाथ में चला जाएगा। बंगलुरु के एक बड़े भाई को इसी चक्कर में ५ लाख की बत्ती लग गई। उसको लगा कार्ड देख रहा है, पर वहां उसके अकाउंट का मिशन सफाई चल रहा था। देख भाई, ये श्याणे लोग को पता है कि अपन इंडियन्स शादी के नाम पे थोड़े इमोशनल हो जाते हैं, इसलिए वो इसी का फायदा उठा रहे हैं। पहले ये लोग ट्रैफिक चालान के नाम पे डराते थे, अब शादी का कार्ड भेज के चूना लगा रहे हैं।
बचने का रापचिक तरीका क्या है?
पैली बात, अगर कोई अननोन नंबर से कार्ड आता है, तो उंगली करने का ही नहीं। अगर कोई पैचान वाला भी भेज रहा है और फाइल ‘Aझ्ख्’ वाली है, तो पैले उसको फोन लगा के पूछ कि ‘ए भाई तेरा शादी का कार्ड सच में तूने भेजा है क्या?’ फालतू में कोई भी अनजान लिंक या फाइल मत खोल। अपने फोन की सेटिंग में जा के ‘घ्हेूaत्त् frदस् ळहव्हदैह एदल्rमे’ को बंद रख।
अगर गलती से फाइल डाउनलोड हो गया, तो फटाक से इंटरनेट बंद कर, वो ऐप डिलीट मार और अपना बैंक पासवर्ड बदल डाल और हां, सीधा १९३० नंबर घुमा के मामू पुलिस को बता डाल. वो लोग इतना बुरा भी नहीं है रे। टेंशन हम लोग को बहुत. सतर्क रह भाई! सतर्क नहीं समझा? अरे बोले तो अलर्ट रहने का…वरना शादी किसी और की होगी और बैंड तेरे बैंक अकाउंट का बज जाएगा! क्या समझा? बस याद रख, ये दुनिया बहुत श्याणी है। अपन जो मेहनत की कमाई जमा करते हैं ना, उसको ये स्वैâमर्स पलक झपकते ही उड़ाने के चक्कर में रहते हैं इसलिए फोन पे कोई भी ‘चिकनी-चुपड़ी चमेली’ आए या शादी का बुलावा, जब तक खुद कन्फर्म नहीं करे तब तक बटन दबाने का नहीं। बाकी तेरा भाई इधर ही है, कुछ भी ऐसा झोल-झाल दिखे तो बिंदास पूछने का। एकदम रापचिक रहने का और चौकन्ना रहने का! अरे अन्ना नई रे चौकन्ना म्हणजे अलर्ट! बोल, और क्या चल रहा है तेरे इलाके में? कोई ताज़ा खबर?
