सामना संवाददाता / मुंबई
भिवंडी तालुका के शेडगांव में काम पर जा रहे चालीस साल के एक आदमी की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। शख्स मीरा-भायंदर महानगरपालिका में कार्यरत था। इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। गणेशपुरी पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच की टीमों ने पूरी जांच के बाद इस हत्या के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
पूछताछ में चौंका देनेवाली जानकारी पुलिस के हाथ लगी। पता चला है कि हत्या की सुपारी देने वाला मृतक का सगा भाई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, १२ मई को तालुका के शेडगांव गांव के परेश तोलाराम पाटील, (४०) की रात करीब ९:०० बजे वाशिंद-अंबाडी रोड पर शेडगांव फाटा पर गांव की झील के पास किसी अनजान आदमी ने हत्या कर दी। ३७ साल के उनके भाई ने गणेशपुरी पुलिस स्टेशन में हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। गणेशपुरी पुलिस ने सात पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की एक टीम बनाकर जांच शुरू की थी। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि मृतक के भाई ने ही अपने भाई के कत्ल की साजिश रची थी। आरोपी भाई ने सुपारी किलर को १० लाख रुपए की सुपारी दी थी। मृतक परेश के ही भाई जो कि खुद शिकायतकर्ता था, ने कबूल किया कि उसने अपने भाई को मारने के लिए सुपारी देकर उसकी हत्या की प्लानिंग की थी। पुलिस ने बताया मृतक परेश और आरोपी भाई हैं और बड़े भाई परेश ने उनकी साझी खेती की जमीन अपने नाम कर ली थी और घर भी अपने नाम कर लिया था। इससे गुस्सा होकर छोटे भाई नरेश ने अपने भाई की हत्या के लिए पालघर के कांट्रेक्ट किलरों को १० लाख रुपए की सुपारी दी थी।
