“चाय तो चाय है”
चाय में गुण अति अनंत,
सत्कारों को करे जीवंत।
रक्तचाप का करती अंत,
मधुर व्यवहार रहे बेअंत!!
चाय पर बातें हों धुआंधार,
मित्र के संग हो मस्त बहार।
घंटों बातें, बिन लिए आहार,
बाबू, लिपिक हो या सरकार!
चाय बिना सूना सब संसार,
चाय-तत्व है अति दमदार।
कई रोगों का सफल उपचार,
हर थकान पर चाय से प्यार!
लटकी-अटकी फाइल बेकार,
समझो चाय का है दरकार।
बस हो जाओ तुम होशियार,
चाय की चुस्की करे आभार!
चाय ही जोड़े घर-परिवार,
चाय ही दुनिया का सत्कार।
व्यक्ति-समाज को दे आकार,
चाय का होता दिव्य व्यापार!
शादी, उत्सव, जन्म-अवतार,
है प्रथम चाय संग अल्पाहार।
चाय से फुर्ती बढ़े, ज्ञान अपार,
चाय के विश्व में अनेक प्रकार!
कम खर्चे में मस्त करे व्यवहार,
चाय की चुस्कियां भरतीं सबमें प्यार।
चाय बांधे दोस्ती, होता सदा बहार,
चाय बड़ी औषधि है, देती सद्विचार!
आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’
