डॉ.मंगलेश्वर त्रिपाठी
योगी का नया उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में रामराज्य का ढोल पीटने वाली योगी सरकार आज विपक्ष के एक कदम से थर-थर कांप रही है। कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार की लाश पर बैठी सरकार ने पूरे प्रदेश को ‘हाउस अरेस्ट’ की जेल बना दिया है। सवाल पूछो तो घर सील, कलम चलाओ तो जेल भेज दो। यह लोकतंत्र नहीं, खाकी वर्दी वाला ‘अघोषित कर्फ्यू’ है।
जौनपुर में दुल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के हत्यारों पर कार्रवाई की मांग कर रही मृतक की बहन ३ हफ्ते से सड़क पर बैठी है, पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। उससे मिलने जा रहे पूर्व मंत्री मुकेश साहनी को पहले दूसरे जिले में बंधक बनाया, फिर लखनऊ में घर में वैâद कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को कई दिन तक घर की चारदीवारी में हाउस अरेस्ट रखा। अयोध्या जा रहे जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह और संगठन प्रभारी राकेश मिश्र को पुलिस लाइन में वैâद रखा, उन्हें गए भगवान राम के दर्शन तक नहीं करने दिए। ३० जून को हरदोई में कांग्रेस नेताओं को अयोध्या जाने से पहले ही घरों में वैâद कर दिया गया।
वाराणसी में सपा प्रदेश सचिव के घर जन्मदिन की तैयारी पर पुलिस टूट पड़ी। ‘अनुमति नहीं’ का बहाना बनाकर कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की की। गोरखपुर में सपा नेताओं को केक तक नहीं काटने दिया। सीएम के अलीगढ़ दौरे से पहले दो किसान नेताओं को रातोंरात घर में वैâद कर दिया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक, आंवला के सपा सांसद को रोक दिया गया।
लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के वृंदावन योजना वाले घर को पुलिस छावनी बना दिया गया। नोएडा में मजदूरों का दर्द सुनने जा रहे थे, पर गेट पर खाकी का पहरा बिठा दिया। फर्रुखाबाद में पीएम को ज्ञापन देने जा रहे भाकियू नेता को घर में नजरबंद कर दिया। बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ में किसान और विपक्षी नेता हाउस अरेस्ट के शिकार बनाए गए। कुंडा में राजा भैया के बुजुर्ग पिता उदय प्रताप सिंह और १३ समर्थकों को घर में नजरबंद कर दिया गया।
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के रणविजय राय ११ से १४ जून तक घर को ही बनाई गई जेल में रहे। गाजीपुर में नवीन चौहान को हाउस अरेस्ट किया तो जनता ने घर पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को गोरखपुर में दबोचने के बाद लखनऊ के सिंचाई डाक बंगले में घंटों बिठाया। कर्नल राजेंद्र यादव को एकौना आंदोलन से पहले घर में वैâद कर दिया। कांग्रेस के राजेंद्र पाल गौतम और सांसद तनुज पुनिया को लखनऊ अघोषित अरेस्ट में रखने से गोरखपुर में दलित संवाद और आंबेडकर प्रतिमा अनावरण रद्द हो गया।
पत्रकारों का गला घोंटा जा रहा है। उन्नाव में गोकशी में थानेदार की दलाली उजागर करने वाले नौजवान पत्रकार प्रशांत त्रिपाठी को उल्टा जेल में ठूंस दिया। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पर फर्जी मुकदमा लाद दिया गया।
योगी जी, आप बुलडोजर की बात करते हो, पर सवालों से इतना डर क्यों? जिसे चाहो जब चाहो नजरबंद कर दो, यही है आपका ‘सुशासन’? पूरे प्रदेश में खाकी का खौफ है, कलम कांप रही है, आवाज घुट रही है। यह सरकार नहीं, लोकतंत्र की लाश पर बैठा गिद्ध है। पहले कानून-व्यवस्था संभालो, फिर विपक्ष को दबाने का नाटक करो।
