मुख्यपृष्ठनए समाचारकुंभ मेले की निधि में ४२१ करोड़ का घोटाला!

कुंभ मेले की निधि में ४२१ करोड़ का घोटाला!

-शिवसेना ने की एसआईटी से जांच कराने की मांग

-विधान परिषद में अनिल परब का बड़ा हमला

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र विधान परिषद का मानसून सत्र गुरुवार को उस समय गरमा गया, जब शिवसेना विधायक अनिल परब ने नासिक सिंहस्थ कुंभ-२०२७ की तैयारियों के लिए जारी सार्वजनिक निर्माण विभाग के टेंडरों में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा सदन में उठाया। परब ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि २,२७० करोड़ रुपए के टेंडरों में १६ कंपनियों का कार्टेल बनाकर करीब ४२१ करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।
कुंभ मेले के नाम पर जनता के पैसों की लूट!
विधान परिषद अनिल परब ने कहा कि वर्ष २०१८ के सरकारी जीआर को दरकिनार करते हुए पात्र ठेकेदारों को एक टेंडर में योग्य और दूसरे में जानबूझकर अयोग्य घोषित किया गया, ताकि पहले से तय कंपनियों को काम मिल सके। परब ने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। सदन में सरकार पर तीखा हमला करते हुए परब ने कहा कि आस्था के सबसे बड़े आयोजन कुंभ मेले के नाम पर जनता के पैसे से खिलवाड़ की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई सड़कों पर काम पूरा होने से पहले ही दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। परब ने पूरे मामले की एसआईटी से जांच, कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा पूरे टेंडर घोटाले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। विधानसभा के बाद अब विधान परिषद में उठे इन आरोपों से सार्वजनिक निर्माण विभाग में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सरकार इन गंभीर आरोपों का क्या जवाब देती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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