मुख्यपृष्ठनए समाचारवसई में बाढ़ से हालात बेकाबू...जनता का फूटा गुस्सा!

वसई में बाढ़ से हालात बेकाबू…जनता का फूटा गुस्सा!

-सड़क जाम कर मनपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

-घर-दुकानों में घुसा पानी..१०० घंटे से कई इलाकों में अंधेरा

राधेश्याम सिंह / वसई

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने वसई-विरार को बाढ़ नहीं, बल्कि जलप्रलय की स्थिति में पहुंचा दिया है। निचले इलाकों में कई फीट तक पानी भर जाने से घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साए नागरिक बुधवार को सड़कों पर उतर आए और वसई-विरार महानगरपालिका के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलभराव के कारण लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया। घरों में पानी घुसने से राशन, फर्नीचर और घरेलू सामान खराब हो गया है। कई इलाकों में पिछले १०० घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है, जबकि कई बस्तियों में गंदा और दूषित पानी आ रहा है। कुछ क्षेत्रों में पीने के पानी का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के मनपा के सभी दावे पहली ही तेज बारिश में धराशायी हो गए। उनका कहना है कि हर साल टैक्स देने के बावजूद शहर को बाढ़, जलभराव और बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ता है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक जलनिकासी व्यवस्था में स्थायी सुधार, बिजली आपूर्ति बहाल, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच बाढ़ ने एक बार फिर वसई-विरार महानगरपालिका की प्री-मानसून तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि हर वर्ष यही हालात दोहराए जाते रहे, तो प्रशासन के दावों पर भरोसा करना मुश्किल हो जाएगा।
१०० घंटे से अंधेरे में कई इलाके
लगातार बारिश के बीच वसई के कई इलाकों में पिछले लगभग १०० घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने का दावा किया जा रहा है। अंधेरे के कारण लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में व्यवस्था डूबी!
मुंबई और पालघर में मूसलाधार बारिश ने पश्चिम रेलवे की तैयारियों की पोल खोल दी। वसई-विरार रेलखंड पर जलभराव के कारण कई विरार लोकल वसई रोड स्टेशन पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट कर दी गर्इं, जिससे हजारों यात्री फंस गए। स्थिति तब बिगड़ गई जब विरार जाने वाली एक लोकल को चर्चगेट की ओर रवाना कर दिया गया। आक्रोशित यात्रियों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन किया। रात में घर पहुंचने का कोई साधन न मिलने पर हजारों लोग मोबाइल की टॉर्च के सहारे घुटनों तक पानी में कई किलोमीटर पटरियों पर पैदल चलते नजर आए। २३०–२५० मिमी बारिश से ट्रैक जलमग्न हो गए। बाद में ट्रेनों का संचालन १०–३० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शुरू हुआ, लेकिन भारी देरी बनी रही।

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