सीमा श्रीवास्तव
अब इसे बदकिस्मती कहें या महज एक संयोग कि जिस शो में लंबे समय तक इंतजार के बाद वो लौटी थी, उसने छुट्टी मांगी, उसे छुट्टी दी भी गई मगर शो से ही निकाल दिया गया। ईस्टएंडर्स की मिशेल रयान एक विख्यात अभिनेत्री है, जिसको उसकी वापसी के महज एक साल बाद ही शो से निकाल दिया गया है। ४२ वर्षीय अभिनेत्री ने पिछले साल २० साल के एक लंबे अंतराल के बाद जो स्लेटर के रूप में वालफोर्ड में वापसी की थी जिससे उसके प्रशंसक बहुत खुश थे। लगा था कि अब शो में और अधिक निखार आएगा। लेकिन स्क्रीन पर वापसी के कुछ ही समय बाद, उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपने बॉस से छुट्टी मांगी। बताया जाता है कि उसे छुट्टी दी भी गई थी, मगर ऐसा प्रतीत हुआ जैसे मिशेल ने सीरियल छोड़ दिया था। लिहाजा पटकथा लेखकों ने उसके किरदार को ही खत्म कर दिया और उसके छुट्टी के पैâसले को स्थायी बना दिया है। मिशेल ने पिछले महीने अपने आखिरी दृश्यों की शूटिंग पूरी कर ली थी। अब दर्शक आने वाले महीनों में बीबीसी वन के इस सोप ओपेरा में जो के जाने की कहानी देखेंगे। एक सूत्र ने कहा ‘मिशेल की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी कुछ हद तक फीकी और नीरस रही है।’ इसलिए भी शो से उसके किरदार का पटाक्षेप कर दिया गया।
बॉबी की खुल गई पोल
जब भी किसी ऐतिहासिक घटना पर कोइ फिल्म बनती है तो हर उस चीज का ध्यान रखना होता है जो उस काल से संबंध रखती हो। छोटी सी छोटी बातों का पूरा ख्याल रखना ही घटना की वास्तविकता के करीब लाता है। अब यदि ये सोचा जाए कि कोई ध्यान नहीं देता तो ऐसा होता नहीं। दर्शक कोई बेवकूफ नहीं है वे बारीक से बारीक गलतियां पकड़ लेते है। अब देखिये न ऐसा ही कुछ हुआ जब एक दृश्य की पोल खुल गई। दरअसल, नेटफ्लिक्स के दर्शकों ने एनोला होम्स ३ में मिली बॉबी ब्राउन के साथ एक बड़ी गलती पकड़ी है। इस तीसरी कड़ी में शर्लक होम्स की छोटी बहन के जीवन और रहस्यों की कहानी बताई जा रही है, क्योंकि वह नए रोमांचों का सामना करती है। जब नेटफ्लिक्स ने एनोला होम्स ३ की पहली झलक दिखाई, तो प्रशंसकों ने उसमें एक हास्यास्पद त्रुटि देखी। तस्वीर में एनोला माल्टा में दिखाई दे रही थी, जहां वह आधुनिक और ताजा जेल सेट हेयरस्टाइल के साथ दीवार को पकड़े हुए कोने की ओर देख रही थी। ट्विटर पर एक प्रशंसक ने तस्वीर के साथ कैप्शन दिया: ‘एनोला होम्स की कहानी १८८५ में घटित हो रही है, जबकि मिली के नाखून २०२६ के जेल मैनीक्योर का पूरा लुक दे रहे हैं।’ एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘आधुनिक सौंदर्य मानकों के आने पर ऐतिहासिक फिल्में असफल हो जाती हैं। दर्शक अब छोटी-छोटी बारीकियों से प्रामाणिकता का पता लगाते हैं।’ अब अपनी इस गलती पर कोई वैâसे पर्दा डाल सकता था लिहाजा यह मान लिया गया कि हां गलती हुई है। पोल खुल गई है और यह घटना की वास्तविकता को दर्शाने में असफलता है।
