मुख्यपृष्ठस्तंभकुकुरमुत्तों की तरह उगे नई मुंबई में अवैध निर्माण

कुकुरमुत्तों की तरह उगे नई मुंबई में अवैध निर्माण

-मुंबई हाई कोर्ट की एनएमएमसी को कड़ी फटकार

-एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ काम बंद आंदोलन की चेतावनी!

मनमोहन सिंह

मुंबई हाई कोर्ट द्वारा एनएमएमसी (नवी मुंबई महानगरपालिका) क्षेत्र में हजारों अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के खिलाफ अपनाए गए सख्त रुख से नई मुंबई महानगरपालिका को दिन में तारे नजर आ रहे हैं। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने साफ शब्दों में कहा है कि केवल कारण बताओ नोटिस जारी करना काफी नहीं है, बल्कि एनएमएमसी और राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि वे दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जा रहे हैं।
यह मामला एडवोकेट किशोर शेट्टी द्वारा दायर एक अवमानना याचिका से जुड़ा है, जो २०१६ के बाद से शहर में खड़े हुए ४,९४६ अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई न होने से संबंधित है।
मामले के मुख्य बिंदु
अधिकारियों की संलिप्तता पर सवाल: हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि नई मुंबई एक नियोजित शहर है, कोई स्लम नहीं। अधिकारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही के बिना इतनी बड़ी संख्या में अवैध इमारतें नहीं बन सकती थीं।
दोषी तो कमिश्नर भी है…!
इस कार्रवाई के बीच, महाराष्ट्र वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र सावंत आरोप लगाते हुए कहते हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाते हुए केवल जूनियर और मध्यम स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। वे कहते हैं, इन सभी मामलों में दोषी कमिश्नर भी हैं तो उन्होंने अपना नाम क्यों नहीं एफिडेविट में दर्ज किया…? अवैध निर्माण अभी भी चल रहे हैं, कमिश्नर क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सावंत दावा करते हैं कि अतीत में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण तोड़-फोड़ की कार्रवाई रुकी थी और यदि केवल अधीनस्थ कर्मचारियों पर ही पक्षपातपूर्ण कार्रवाई हुई, तो वे लोग काम बंद आंदोलन करेंगे।
३०० अधिकारियों को नोटिस!
एनएमएमसी आयुक्त डॉ. वैâलास शिंदे ने कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए २९५ से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें १० डिप्टी कमिश्नर, ९१ असिस्टेंट कमिश्नर, ७५ जूनियर इंजीनियर और ११९ क्लर्क शामिल हैं।
सेवानिवृत्त और ट्रांसफर हुए अधिकारियों की चुनौती
दोषी अधिकारियों में से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनका ट्रांसफर हो गया है। इस व्यावहारिक कठिनाई को देखते हुए कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह एनएमएमसी को इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तय करने में मदद करे।
सिडको की भूमिका और ३,००० करोड़ का नुकसान
याचिकाकर्ता के अनुसार, करीब ८०० अवैध इमारतें सिडको के प्लॉट पर बिना ओसी और सीसी के बनाई गई हैं, जिनकी कीमत लगभग ३,००० करोड़ रुपए है। इससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है।
अवैध निर्माणों का वर्गीकरण और कार्रवाई!
एनएमएमसी के हलफनामे के मुताबिक, कुल अवैध ढांचों में से ३,३४२ गावठन (गांव) क्षेत्रों में और १,६०४ एलआईजी हाउसिंग कॉलोनियों में हैं। कोर्ट के १६ जून, २०२६ के आदेश के बाद से अब तक ३० अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है।

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