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मनपा को हाई कोर्ट का `हंटर’…पुणे मोशी जैसी त्रासदी मुंबई में नहीं होनी चाहिए

-कचरा प्रबंधन पर दिए सख्त निर्देश…कचरे का पहाड़ ढहने से हुई थी नौ मजदूरों की मौत

सामना संवाददाता / मुंबई

पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी डंपिंग ग्राउंड में कचरे का पहाड़ ढहने से नौ मजदूरों की मौत के मामले का संज्ञान लेते हुए मुंबई हाई कोर्ट ने मुंबई मनपा को कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि मुंबई में ऐसी दुर्घटना किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए और इसके लिए कचरे के वैज्ञानिक वर्गीकरण तथा प्रभावी प्रबंधन पर तत्काल ध्यान दिया जाए।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और आरती साठे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि घरों और हाउसिंग सोसायटियों के स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे का सही तरीके से पृथक्करण किया जाए, तो कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर कचरे का अनावश्यक ढेर नहीं लगेगा और भविष्य में मोशी जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा। अदालत ने मनपा को निर्देश दिया कि कचरा वर्गीकरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड अधिकारियों को सौंपी जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
यह सुनवाई वनशक्ति संस्था और विक्रोली के कन्नमवार नगर के निवासियों द्वारा दायर जनहित याचिका पर हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से उठने वाली दुर्गंध और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।

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