मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: सऊदी के ड्रोन को कटी पतंग बना दिया!

मुस्लिम वर्ल्ड: सऊदी के ड्रोन को कटी पतंग बना दिया!

-हूतियों के एक्शन से दुनिया हैरान

सूफी खान

कभी चप्पल पहन कर तो कभी तो नंगे पैर चलने वाले हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब का एडवांस ड्रोन गिरा डाला। ईरान समर्थक यमन के अंसारुल्लाह का दावा है कि उन्होंने अपने दुश्मन सऊदी अरब के ड्रोन को यमन के जवाफ प्रोफिंस में उस समय गिराया, जब वो किसी हमले की तैयारी से आया था। बताया जा रहा है कि ये ड्रोन तुर्की में बना है और ईरान के बाद तुर्की ड्रोन टेक्नोलॉजी में माहिर माना जाता है। अंसारुल्लाह या हूती लड़ाकों के इस एक्शन ने बता दिया है कि वो सऊदी को आसानी से छोड़ेंगे नहीं। पहले सऊदी के एयरपोर्ट पर हमला फिर सऊदी के पूरा नेवल ब्लाकेट उसके बाद लाल सागर पर ब्लाकेट का उल्लंघन कर रहे सऊदी अरब के दो जहाजों को धुआं-धुआं करने के बाद अंसारुल्लाह ने अब सऊदी का ड्रोन गिरा दिया है। इससे पहले वो अमेरिका के एक दर्जन से भी ज्यादा एमक्यू -९ रिपर ड्रोन गिराने का दावा कर चुके हैं।
देखा जाए तो चप्पल पहनकर घूमने वाले इन लड़ाकों से पहले अमेरिका भी तौबा कर चुका है। ये ईरान के दोस्त हैं और ईरान की ही सुनते हैं। मिडिल ईस्ट एक्पर्ट कहते हैं कि यही वजह है कि ईरान अमेरिका इजरायल जंग में जान-बूझकर सऊदी की एंट्री करवाई गई है ताकि यमन के इन हूती लड़ाकों को इंगेज रखा जाए।
लेकिन अब हूतियों ने ही सऊदी अरब की हालत खराब करना शुरू कर दिया है। हूतियों ने सऊदी की तेल पैâसिलिटी आरामको पर हमले की न सिर्फ धमकी दी बल्कि ताबड़तोड़ हमले भी कर डाले। यमन के रणनीतिक बंदरगाह शहर होदेदाह पर हुए सऊदी एयरस्ट्राइक का खौफनाक बदला लेते हुए हूतियों ने जीजान और यानबू में अरामको के तेल संयंत्रों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे इस हमले के बाद जहां सऊदी अरब के तेल ठिकानों में तबाही का मंजर दिखा। वहीं सऊदी अरब का ड्रोन कटी पतंग की तरह गिराकर अंसारुल्लाह लड़ाकों ने बता दिया है कि वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। दरअसल, सऊदी ने हूती डेलिगेशन को ईरान की महान एयरलाइन्स के प्लेन से यमन आते वक्त मारा था। हालांकि प्लेन इस अटैक से बच गया था और सुरक्षित उतर गया था। इसके बाद से ही अंसारुल्लाह सऊदी पर हमलावर है। कहा जा रहा है कि ईरान हिमायती संगठन को घेरने ले लिए अमेरिका-इजरायल ने जानबूझकर ये मोर्चा खुलवाया है, लेकिन हूतियों से निपटना इतना आसान नही है। इसका एहसास सऊदी को होने भी लगा होगा।

अन्य समाचार