मुख्यपृष्ठस्तंभप्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का टूटता तिलस्म...!

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का टूटता तिलस्म…!

मनमोहन सिंह

अमेरिकी राजनीति में लंबे समय तक अपना वर्चस्व कायम रखने वाले डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक प्रभाव अब कमजोर पड़ता दिख रहा है। हाल में हुए चुनावी सर्वेक्षणों और ‘वोटहब’ जैसे पोलिंग एग्रीगेटर्स के आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्विंग राज्यों में उनका ‘अजेय प्रभाव’ अब पहले जैसा एकतरफा नहीं रहा।
अमेरिकी सियासत में आते इस बदलाव के प्रमुख कारण:
स्विंग राज्यों में खिसकता जनाधार
पोलिंग डेटा और वोटहब के ताजा रुझान दर्शाते हैं कि आयोवा, मिशिगन और ओहायो जैसे प्रमुख और मजबूत राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी की शुरुआती बढ़त घट रही है। विशेष रूप से निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) और मध्यमार्गी मतदाताओं का ट्रंप समर्थक उम्मीदवारों से मोहभंग हो रहा है, जिससे डेमोक्रेटिक प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाते दिख रहे हैं।
आर्थिक चिंताएं और नीतिगत कड़ापन
महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत ने आम मतदाताओं में असंतोष पैदा किया है। इसके अतिरिक्त, कड़े आप्रवासन नियमों (इमीग्रेशन) और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर लगाए गए टैरिफ जैसे पैâसलों ने शहरी और शिक्षित मध्यम वर्ग के एक बड़े हिस्से को नाराज किया है।
पार्टी के भीतर अंदरूनी विभाजन
रिपब्लिकन पार्टी के भीतर पारंपरिक गुट और ट्रंप समर्थक ‘श्AउA’ गुट के बीच जारी खींचतान से कई राज्यों में सांगठनिक ढांचा प्रभावित हुआ है। अमेरिकी कांग्रेस में बेहद मामूली अंतर होने के कारण ट्रंप के लिए अपनी नीतियों को आगे बढ़ाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मतदाता थकान और विरोधी गोलबंदी
वर्षों से जारी कानूनी विवादों, तीखे बयानों और ध्रुवीकरण की राजनीति के कारण सामान्य मतदाता अब ‘राजनीतिक थकान’ महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, ट्रंप के प्रभाव को रोकने के लिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और महिला मतदाताओं की गोलबंदी पोलिंग आंकड़ों में साफ दिखाई दे रही है।
राजनीति में लोकप्रियता कभी स्थिर नहीं रहती। हालांकि, ट्रंप का कोर समर्थक वर्ग आज भी एकजुट है, लेकिन स्विंग राज्यों के मध्यमार्गी मतदाताओं के बीच ढीली पड़ती पकड़ यह स्पष्ट करती है कि उनका राजनीतिक तिलस्म अब पहले जैसा एकतरफा नहीं रहा।

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