-९९ से १०० परसेंटाइल के लिए १२ से १३ लाख की डील?
सामना संवाददाता / मुंबई
नीट पेपर लीक मामले के बाद अब महाराष्ट्र की सीईटी परीक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए आयोजित एमएच-सीईटी २०२६ परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पैसों के लेन-देन का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो क्लिप ने शिक्षा क्षेत्र में खलबली मचा दी है। आरोप लगाया जा रहा है कि ९९ से १०० परसेंटाइल दिलाने के लिए १२ से १३ लाख रुपए तक की डील की जा रही है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन सावंत ने सबसे पहले सीईटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जिन विद्यार्थियों को १२वीं बोर्ड परीक्षा में ३५ से ५० प्रतिशत तक अंक मिले हैं, उन्हें सीईटी में अचानक ९० से १०० परसेंटाइल वैâसे मिल सकते हैं? उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने भी कहा कि सीईटी परीक्षा से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
महाराष्ट्र की सीईटी परीक्षा को लेकर वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि कुछ छात्रों को १२वीं में कम अंक होने के बावजूद सीईटी में ९० से १०० परसेंटाइल मिले हैं। वहीं एक कथित ऑडियो क्लिप में दावा किया जा रहा है कि १२-१३ लाख रुपए लेकर विशेष परीक्षा केंद्र और बेहतर परिणाम की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल दावों के बाद सीईटी के जरिए इंजीनियरिंग और कृषि पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सीआईडी जांच की तैयारी
राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सीआईडी के माध्यम से जांच कराने के संकेत दिए हैं।
सीईटी सेल ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं सीईटी सेल के आयुक्त दिलीप सरदेसाई ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि १२वीं बोर्ड परीक्षा और सीईटी परीक्षा के अंकों की तुलना करना सही नहीं है। दोनों परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रणाली अलग-अलग होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परसेंटाइल और प्रतिशत में अंतर होता है। परसेंटाइल किसी छात्र की अपने बैच में स्थिति को दर्शाता है। १०० परसेंटाइल का अर्थ १०० प्रतिशत अंक हासिल करना नहीं होता। कई विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा की तुलना में सीईटी को अधिक महत्व देते हैं इसलिए उनके प्रदर्शन में अंतर आ सकता है।
साइबर पुलिस के पास पहुंचा मामला
सीईटी सेल ने वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच के लिए आजाद मैदान पुलिस स्टेशन और राज्य साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों ने संबंधित दावों की जांच कर दोषी पाए जानेवालों पर कार्रवाई की मांग की है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि सीईटी परीक्षा में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है या फिर वायरल दावे केवल अफवाह हैं।
