मुख्यपृष्ठनए समाचारमहायुति राज में डॉक्टर भी असुरक्षित!

महायुति राज में डॉक्टर भी असुरक्षित!

-पहले अस्पताल में थप्पड़, फिर थाने में धमकी; एफआईआर के बावजूद गिरफ्तारी नहीं
-दहशत में परिवार सहित मुंबई छोड़ने को मजबूर हुए डॉक्टर

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई और आसपास के इलाकों में डॉक्टरों के साथ मारपीट और धमकी की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। हालात ये हैं कि डॉक्टर अब डर और दहशत के चलते मुंबई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कल्याण के एक अस्पताल में मरीज के बेटे ने डॉक्टर के साथ पहले गाली-गलौज की और फिर थप्पड़ जड़ दिया। डॉक्टर जब शिकायत दर्ज कराने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचे तो वहां भी आरोपी ने उन्हें धमकाया। इतना ही नहीं, पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करने का भी आरोप है। काफी दबाव के बाद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बताया जाता है कि इन घटनाओं से नाराज होकर ४१ वर्षीय ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट डॉ. योगेंद्र जायसवाल ने अपना फोन बंद कर दिया, काम से ब्रेक लिया और सोमवार को अपने परिवार के साथ मुंबई छोड़ दिया। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था। उनके मुताबिक, जब उन्होंने मामला आगे बढ़ाने का पैâसला किया तो दो लोगों ने उन्हें पुलिस स्टेशन में धमकाया।
कल्याण-पूर्व के भानुज्योत अस्पताल में कंसल्टिंग कर रहे डॉ. जायसवाल ने बताया कि न्यूज चैनलों पर मारपीट का वीडियो देखने के बाद उनके बुजुर्ग माता-पिता काफी परेशान हो गए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उनके माता-पिता तनाव में हैं। अपने बेटे पर हमला होते देखने के बाद से वे काफी दुखी हैं। उनके पिता का ब्लड प्रेशर काफी कम है, जबकि उनकी मां को निमोनिया के इलाज के बाद १० दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
कंसल्टेशन के दौरान हुआ विवाद
यह घटना शनिवार रात करीब १०:४५ बजे की बताई जा रही है। शिकायत के मुताबिक, करीब ६०-७० वर्षीय मरीज कमर दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आए थे। मरीज के बेटे विनीत ने बार-बार सवाल पूछकर कंसल्टेशन में रुकावट डाली और डॉक्टर के साथ गाली-गलौज करने लगा। शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने डॉक्टर के चेहरे और पेट पर मुक्का मारा तथा उनकी गर्दन पकड़ ली। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में आरोपी को मारा। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि विनीत शराब के नशे में था।
पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी वैâमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद डॉक्टर अस्पताल के स्टाफ और कल्याण मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ रात करीब १:३० बजे शिकायत दर्ज कराने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचे। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। काफी प्रयासों के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं ११८(१), ११५(२), ३५२ और ३२४(४) के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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