मुख्यपृष्ठनए समाचारबीजेपी की सत्ता में भाजपा की ही महापौर ‘बेगानी’!

बीजेपी की सत्ता में भाजपा की ही महापौर ‘बेगानी’!

-फडणवीस के स्वागत विज्ञापन से हिमगौरी आडके गायब; सिंहस्थ के मंच से फिर उजागर हुई नासिक भाजपा की गुटबाजी?

सुनील ओसवाल / नासिक

नासिक में सिंहस्थ महाकुंभ के ‘भक्ति संगम’ महापर्व का शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों भव्य शुभारंभ हुआ। मंच पर आस्था और भक्ति का माहौल था, लेकिन समारोह के बाहर नासिक भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वजह बना मुख्यमंत्री के स्वागत में लगाया गया एक विज्ञापन, जिसमें भाजपा की ही महापौर हिमगौरी आडके का फोटो नजर नहीं आया। नासिक महानगरपालिका में भाजपा की सत्ता है और महापौर भी भाजपा की हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए लगाए गए विज्ञापन में महापौर को जगह नहीं मिलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
भाजपा के स्थायी समिति सभापति मच्छिंद्र सानप, उत्तर महाराष्ट्र भाजपा संगठन मंत्री गणेश गीते और उपाध्यक्ष नीलेश बोरा से जुड़े गुट की ओर से लगाए गए इस विज्ञापन में पार्टी के कई नेताओं को स्थान दिया गया, लेकिन महानगरपालिका की प्रथम नागरिक ही तस्वीर से बाहर रहीं। राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि जब नासिक महानगरपालिका में भाजपा की सत्ता है और हिमगौरी आडके पार्टी की महापौर हैं, तो मुख्यमंत्री के स्वागत जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उन्हें विज्ञापन में जगह क्यों नहीं मिली?
सिंहस्थ महाकुंभ नासिक के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महानगरपालिका और स्थानीय प्रशासन की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा विषय है। ऐसे बड़े आयोजन के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करने वाले विज्ञापन में भाजपा की महापौर की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
एक ही पार्टी, फिर इतने गुट क्यों?
नाशिक भाजपा में स्थानीय स्तर पर गुटबाजी की चर्चा कोई नई बात नहीं है। लेकिन सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के दौरान अगर यह खींचतान सार्वजनिक तौर पर दिखाई देने लगे, तो सवाल और गंभीर हो जाते हैं। क्या नासिक भाजपा में संगठन से ज्यादा गुटों की ताकत चल रही है? क्या पार्टी की महापौर को ही राजनीतिक रूप से किनारे किया जा रहा है? या फिर विज्ञापन में उनका फोटो छूट जाना महज एक संयोग है? इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, महापौर के समर्थकों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी की चर्चा जरूर तेज हो गई है।

 

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