महज १५ साल की उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचने वाले वैभव के पक्ष में अब महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी उतर आए हैं। गावस्कर का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी में अकेले दम पर मैच का रुख पलटने का हुनर है और टीम को उन पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। गावस्कर के मुताबिक, टी२० क्रिकेट में हर मैच में लगातार बड़े रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। लेकिन वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो १० में से ३ या ४ मैचों में अपनी तूफानी पारी से विरोधी टीम को मैच से बाहर कर सकते हैं। अगर वैभव बड़ी पारी नहीं भी खेल पाएं तो भी वह शुरुआती १.५ या २ ओवरों में ही २५-३० रन ठोककर टीम को एक मजबूत शुरुआत दिला देते हैं। गावस्कर के मुताबिक, वैभव अभी बेहद छोटे हैं और जैसे-जैसे उन्हें मैचों का अनुभव मिलेगा, वह और भी खतरनाक बल्लेबाज बनते जाएंगे। इंग्लैंड दौरे के बाद जिम्बाब्वे में दो अर्धशतक लगाकर वैभव ने दिखा दिया है कि उनमें टिकने और रन बनाने की काबिलियत है। आगामी एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में वैभव भारतीय टीम के सबसे बड़े मैच विनर साबित हो सकते हैं।
