-फिर आपूर्ति का रास्ता बंद क्यों नहीं?
सामना संवाददाता / चंडीगढ़
पंजाब में नशे को लेकर जारी सियासत के बीच अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए।’
केजरीवाल का बयान केवल २०२१ की एक घटना तक सीमित नहीं है। सितंबर २०२१ में मुंद्रा पोर्ट पर करीब २,९८८ किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। मई २०२२ में ईरान से नमक बताकर भेजे गए कंटेनर से लगभग ५२ किलोग्राम कोकीन बरामद हुई। मई २०२६ में मुंद्रा तट के पास एक जहाज से लगभग ११५ किलोग्राम कोकीन जब्त किए जाने की भी खबर सामने आई। इन बरामदगियों से बंदरगाह संचालक की आपराधिक संलिप्तता स्वत: सिद्ध नहीं होती, लेकिन बार-बार भारी खेप मिलने से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल अवश्य उठते हैं।
केजरीवाल ने सवाल किया कि जब हजारों किलो नशीले पदार्थ समुद्री रास्ते से देश में प्रवेश कर रहे हैं तो कार्रवाई केवल पंजाब के छोटे तस्करों और उपभोक्ताओं तक क्यों सीमित है? नशा पंजाब में बिकता है, मगर भारत में घुसता कहां से है, जांच की शुरुआत इसी सवाल से होनी चाहिए।
