-ज्ञानेश के खिलाफ २,००० लोगों ने लिखी सूर्यकांत को चिट्ठी
-पूर्व नेवी चीफ-अफसर सहित सभी ने उठाए सवाल
-कहा, `चुनाव आयोग की जांच कराओ, एसआईआर पर रोक लगाओ!’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब शिकायत सीधे देश के मुख्य न्यायाधीश तक पहुंच गई है। करीब २,००० लोगों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसमें पूर्व नौसेना प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मोर्चा खोलते हुए चुनाव आयोग की जांच कराने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
बता दें कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद पर खुलासे के बाद से देश की राजनीति में कोहराम मचा हुआ है। पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है। वहीं अब बीजेपी सीईसी ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतर गई है। लिहाजा चुनाव आयोग घमासान पर अब बीजेपी बनाम कांग्रेस (विपक्ष) का मुकाबला हो गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार के बचाव के लिए भाजपा ने मुख्यमंत्रियों की फौज उतार दी है। वहीं अब पूर्व नेवी चीफ-अफसरों समेत २,००० लोगों ने सीजेआई सूर्यकांत को चिट्ठी लिखी है। सभी ने एसआअईआर की वैधता और प्रक्रिया के रिव्यू होने तक इस पर रोक लगाने की मांग की है। बता दें कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद पर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खुलासे के बाद से देश की राजनीति में कोहराम मचा हुआ है। पूरा विपक्ष इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है। ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने २५ सितंबर को पूरे देश में प्रदर्शन किया था।
सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम!
-सीपीएम नेता टी.एम. थॉमस का बड़ा दावा
एसआईआर और सीईसी ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर जारी बवाल के बीच सीपीएम नेता डॉ. टीएम थॉमस इसाक ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में २००६ का एक किस्सा बताते हुए कहा कि भारत में एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में आए मलेशिया के एक अधिकारी ने खुदकुशी कर ली थी और उसने सुसाइड नोट में अन्य अधिकारियों के साथ ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिखा था। उस समय कुमार पीडब्लूडी डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी थे। सीपीएम नेता ने कहा कि उस अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में घूसखोरी और भ्रष्टाचार की बातें लिखी थीं। इसमें खास तौर पर ज्ञानेश कुमार का नाम लिया गया था। नोट में उन्होंने ज्ञानेश कुमार की तरफ से रिश्वत मांगे जाने को लेकर बात लिखी थी।
अब देश के २ हजार से ज्यादा नागरिकों ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत को लेटर लिखकर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्यवाही शुरू करने की अपील की है।
