सुरेश गोलानी / मुंबई
महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त किसानों की गंभीर स्थिति को लेकर अब सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर ही अंदरूनी कलह और राजनीतिक खींचतान खुलकर सामने आ गई है। शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक ने ठाणे के जिलाधिकारी मीरा-भायंदर, वसई-विरार के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि शहर में सूखा पीड़ितों की मदद के नाम पर बिना अनुमति अवैध रूप से चंदा इकट्ठा करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। सरनाईक के अनुसार, जिन्हें आज अचानक सूखाग्रस्त किसानों की याद आ रही है, उन्होंने हाल ही में खुद के जन्मदिन, भव्य राजनीतिक आयोजनों और पब्लिसिटी पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए हैं। तब इनकी यह सामाजिक चेतना कहां सो रही थी?’ मंत्री ने पत्र में किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका सीधा और स्पष्ट इशारा क्षेत्र के ही भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की तरफ था, जिन्होंने हाल ही में अपना जन्मदिन भव्य तरीके से मनाया था। मंत्री ने जनता से भी भावुक न होने की अपील करते हुए कहा कि शहर की गलियों, सोसायटियों और चौराहों पर बिना सरकारी अनुमति के घूम-घूमकर चंदा वसूलने वाली किसी भी संस्था या व्यक्ति को अपनी गाढ़ी कमाई का एक भी रुपया न दें। यदि कोई चंदा मांगने आता है, तो पहले उससे प्रशासन की आधिकारिक लिखित अनुमति और रसीद बुक की मांग करें। यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई भी नागरिक किसानों की मदद करना चाहता है, तो वह केवल महाराष्ट्र शासन-मुख्यमंत्री सहायता निधि या अन्य अधिकृत सरकारी माध्यमों का ही उपयोग करे, ताकि उनके पैसे का सही इस्तेमाल सीधे पीड़ित किसानों तक पहुंचने में हो सके। ानों पर न चमकाएं राजनीति’
