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वाह रे विश्वगुरु, पहले ‘ब्रिक्स’, अब ‘बिमस्टेक’…बांग्लादेश ने फिर बनाई भारत से दूरी!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही क्षेत्रीय संगठन बिमस्टेक यानी बीआईएमएसटीईसी (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन) के गृह मंत्रियों की पहली ऐतिहासिक बैठक से बांग्लादेश ने अपने गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद को दूर रखने का फैसला किया है। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी राजनयिक खिंचाव के बीच ढाका की ओर से एक वरिष्ठ नौकरशाह इस बैठक में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
बांग्लादेशी गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी १३ अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। गौरतलब है कि बांग्लादेश ने अप्रैल २०२५ में ही ‘बिमस्टेक’ की अध्यक्षता संभाली है। इसके बावजूद बांग्लादेशी गृह मंत्री का भारतीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात और द्विपक्षीय चर्चा को टालना दोनों देशों के बीच संबंधों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
‘बिमस्टेक’ दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक प्रमुख क्षेत्रीय मंच है, जिसमें बंगाल की खाड़ी से सटे और पड़ोसी देश शामिल हैं। इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में बिमस्टेक के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की ५वीं बैठक की मेजबानी की थी। उस बैठक में मानवीय सहायता और आपदा राहत के समुद्री घटक के लिए दिशा-निर्देशों को अपनाया गया था।
रिश्तों में तल्खी और कूटनीतिक दूरी
अगस्त २०२४ में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के संबंधों में ठंडापन आया हुआ है। इससे पहले सितंबर में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी भारत सरकार के आमंत्रण के बावजूद नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स आउटरीच शिखर सम्मेलन में भाग लेने से दूरी बना ली थी।

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