-फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
सामना संवाददाता / मुंबई
मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे द्वारा उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम का जिक्र करते हुए ५०० करोड़ की ऑडियो क्लिप रूपी `बम’ से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा और शिंदे गुट के नेताओं ने एक-दूसरे की ओर शक की उंगलियां उठाते हुए आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए हैं। इस पृष्ठभूमि में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में जरांगे द्वारा पेश की गई इस ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच कराने की घोषणा की है।
देश की राजनीति को हिला देने वाली यह ऑडियो क्लिप मनोज जरांगे ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में सुनाई थी। इस ऑडियो क्लिप के संबंध में मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत की। फडणवीस ने कहा कि शिंदे गुट के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर इस कथित ऑडियो क्लिप की जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेताओं की भी ऐसी ही मांग है। मनोज जरांगे ने भी इस मामले की जांच की मांग की है।
इस मामले की फोरेंसिक जांच कर बातचीत की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। इस ऑडियो क्लिप में किसकी आवाज है, यह भी जांचा जाएगा और इससे सामने आने वाले सच को जनता के सामने लाया जाएगा, ऐसा फडणवीस ने स्पष्ट किया।
ढाई साल बाद ऑडियो क्लिप सामने आने के पीछे क्या उद्देश्य है?
फडणवीस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस कथित ऑडियो क्लिप में वास्तव में क्या बातचीत है, इसे ढाई साल बाद ही सामने आने के पीछे क्या उद्देश्य है, इस मामले के जरिए किसे निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं। इसलिए इस पूरे मामले की गहन जांच होना आवश्यक है।
सच ही बाहर लाएं; जरांगे का फडणवीस को जवाब
फडणवीस और शिंदे को इसकी जांच करके सच बाहर लाना चाहिए, तभी महाराष्ट्र की जनता का आप पर विश्वास रहेगा। यह क्लिप असली है, झूठी नहीं है। अब अगर इसमें आपके लोग शामिल हैं इसलिए आप सच को झूठ साबित करने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र की जनता का आप पर क्या भरोसा रहेगा, ऐसा मनोज जरांगे ने कहा।
`मेरे से पंगा ना लें, शिंदे का सारा कच्चा-चिट्ठा बाहर निकाल दूंगा: जरांगे
यदि हमें एकनाथ शिंदे को खत्म करना होता, तो क्या हम इस क्लिप को सार्वजनिक करके उन्हें सतर्क करते? मैंने उम्र का लिहाज रखते हुए अब तक संयम बरता है, लेकिन रामदास कदम स्तरहीन बातें कर मेरे व्यक्तिगत मामलों पर कीचड़ उछालना बंद करें। मेरे पंगे में मत पड़ो, शिंदे का सब कुछ बाहर निकाल दूंगा, ऐसी चेतावनी मनोज जरांगे ने दी। `प्रसाद लाड के साथ फोटो खींच ली तो इसमें गलत क्या है? अंतरवाली में लाखों लोग मुझसे मिलने आते हैं। उनमें से किसी ने पीछे से फोटो खींच ली और कदम ने उसे प्रेस कॉन्प्रâेंस में बता दी। क्या पीछे से फोटो खींचने से इंसानों की पहचान हो जाती है? हमारे लड़कों को तोड़कर, गद्दार तैयार कर ऐसे फोटो इकट्ठा करने का धंधा कदम कर रहे थे, यह अब साबित हो गया है,’ जरांगे ने कहा।
रामदास कदम को क्लिप की तारीख कैसे पता चली?
शिंदे गुट के रामदास कदम ने यह दावा करते हुए सवाल उठाए हैं कि जरांगे द्वारा पेश की गई ऑडियो क्लिप १४ अक्टूबर २०२३ की है। इसका जरांगे ने कड़ा जवाब दिया। टीवी पर क्लिप बजने से ३ घंटे पहले ही कदम को यह कैसे पता चल गया कि यह कब की है और इसकी तारीख क्या है? यह बहुत बड़ा रहस्य है, ऐसा उन्होंने कहा।
जांच एजेंसियां इसका पता लगाएं
जरांगे ने कहा, `मुझे यह क्लिप किसने दी, इससे आपको क्या लेना-देना? मैंने किसी की गुलामी स्वीकार नहीं की है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के पास जांच एजेंसियां हैं, वे इसका पता लगा लेंगी। लेकिन जिस तरह से कदम को सारी अंदरूनी जानकारी पहले से ही थी, उससे यह साफ है कि इस पूरे मामले की जड़ें कदम तक पहुंचती हैं!’
`यह बातचीत लोकतंत्र की हत्या और बलात्कार है’- राज ठाकरे
वर्तमान में महाराष्ट्र में एक `फ्रेंडशिप फाइल’ ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है। इस बातचीत को सुनने से समझ आता है कि यह लोकतंत्र की हत्या और बलात्कार है। जो कुछ भी कहा गया है, वह बेहद गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा है कि अपने निजी फायदे के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट्स को मोड़ने के बजाय, मुख्यमंत्री के रूप में आप कितने निष्पक्ष हैं, यह अपनी कार्रवाई के जरिए महाराष्ट्र को दिखाएं।
