सामना संवाददाता / मुंबई
श्रद्धा कपूर अब लावणी के रंगों में रंगने के लिए तैयार हैं। मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशंस ने उनकी आगामी फिल्म ‘ईठा’ का भव्य ट्रेलर जारी कर दिया है। महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और पारंपरिक लावणी जगत की झलक दिखाने वाली यह म्यूजिकल ड्रामा सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी बयां करती है जो सामाजिक चुनौतियों और अपेक्षाओं का सामना करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए संघर्ष करती है। बेहतरीन नृत्य, उस दौर के बारीकी से किए गए चित्रण और भावनात्मक कथानक के जरिए यह फिल्म लावणी की सुंदरता के साथ-साथ एक महिला की महत्वाकांक्षा, संघर्ष और आत्मसम्मान को सामने लाती है।
‘स्त्री २’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद श्रद्धा कपूर अब ‘ईठा बाई’ के एक बिल्कुल अलग अवतार में दर्शकों के सामने आ रही हैं। ट्रेलर में ईठा अपनी कला से अटूट प्रेम करने वाली और परिस्थितियों के आगे कभी घुटने न टेकने वाली महिला के रूप में नजर आती है। उनका पारंपरिक पहनावा, बोलती आंखें और मंच पर आत्मविश्वास से भरा अंदाज उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाता है। यह फिल्म सिर्फ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या ग्लैमर तक सीमित न रहकर, आत्म-पहचान के लिए एक महिला के संघर्ष, त्याग और संकल्प को रेखांकित करती है। श्रद्धा का अभिनय यह महसूस कराता है कि ईठा का सफर केवल अपनी कला को पहचान दिलाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह उसके आत्मसम्मान की लड़ाई है।
फिल्म के केंद्र में महाराष्ट्र की लोकप्रिय लोककला ‘लावणी’ है। अपनी अनूठी लय, अदायगी, ऊर्जा और नाटकीय प्रस्तुति के लिए मशहूर यह कला रूप फिल्म ‘ईठा’ को एक विशेष सांस्कृतिक पहचान देता है। ट्रेलर में मंच की ऊर्जावान प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक वेशभूषा और कलाकारों के अपनी कला के प्रति गर्व को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। श्रद्धा कपूर का संवाद ठये सिर्फ कपड़ा नहीं, अभिमान हैठ विशेष रूप से ध्यान खींचता है, जो यह स्पष्ट करता है कि नौवारी साड़ी महज एक पोशाक नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान, स्वाभिमान और संस्कृति का प्रतीक है।
सच्ची घटनाओं से प्रेरित होने के कारण फिल्म की मुख्य नायिका को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। दर्शकों को ईठा बाई के सफर में महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन की झलक मिल सकती है। हालांकि, निर्माताओं ने अभी तक इस संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए, जब तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक ‘ईठा’ को सच्ची घटनाओं से प्रेरित और पारंपरिक कला क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करने वाली एक महिला की सिनेमाई कहानी के रूप में देखना ही सही होगा।
फिल्म का दृश्य-संयोजन (विजुअल डिजाइन) भी कहानी को बेहद प्रभावशाली बनाता है। भव्य पीरियड सेट्स, पारंपरिक माहौल और जीवंत मंच प्रस्तुतियों के माध्यम से उस दौर को दर्शाया गया है जब लोक कलाकारों को अपनी व्यावसायिक महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ सामाजिक बाधाओं से भी जूझना पड़ता था। वेशभूषा, सेट डिज़ाइन और हर प्रस्तुति के माहौल पर की गई मेहनत साफ दिखाई देती है। ईठा के लिए यही मंच अपनी कला का प्रदर्शन करने, स्थापित सोच को चुनौती देने और सम्मान हासिल करने का जरिया बनता है।
फिल्म का संगीत लोकप्रिय संगीतकार जोड़ी अजय-अतुल ने तैयार किया है, जबकि कोरियोग्राफी वैभवी मर्चेंट ने संभाली है। ऐसे में लावणी की ताल पर आधारित भव्य नृत्य, दमदार संगीत और शानदार कोरियोग्राफी देखने को मिलेगी। श्रद्धा का पारंपरिक लुक, नक्काशीदार गहने और आत्मविश्वास से भरा नृत्य शैली फिल्म के संगीतमय माहौल को और निखारते हैं। ‘मर्चेंट’ की भूमिका में रणदीप हुड्डा का लुक भी ध्यान खींचता है; मूछों और प्रभावी व्यक्तित्व के साथ उनका किरदार काफी अलग नजर आ रहा है। इसके अलावा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, अनंत जोशी और सिद्धार्थ जाधव भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित और दिनेश विजन, लक्ष्मण उतेकर व करिश्मा शर्मा द्वारा निर्मित यह फिल्म मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशंस के बैनर तले बनी है। ‘ईठा’ ४ दिसंबर २०२६ को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सच्ची घटनाओं से प्रेरित कहानी, लावणी का समृद्ध सांस्कृतिक योगदान और एक जिद्दी कलाकार के रूप में श्रद्धा कपूर की दमदार मौजूदगी का यह संगम कलात्मक अभिव्यक्ति, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने वाला एक यादगार संगीतमय अनुभव बनने के लिए तैयार है।
