मुख्यपृष्ठनए समाचारजेल से भी बदतर छात्रावास!

जेल से भी बदतर छात्रावास!

-वी.जे.टी.आई. में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
– दुर्दशा पर युवासेना आक्रामक
-बदहाली का लिया जायजा

जेदवी / मुंबई

एक तरफ सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात करती है, वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के प्रतिष्ठित वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के छात्रावासों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। छात्रावासों की बदहाली की शिकायत सामने आने के बाद शिवसेना और युवासेना के सीनेट सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आए हालात ने छात्रावास प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। प्रतिनिधियों ने छात्रावास की स्थिति को जेल से भी बदतर बताया।
शिवसेना नेता, युवासेना प्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे के निर्देश पर स्थानीय नगरसेविका माधुरी मांजरेकर, शाखाप्रमुख राकेश कांबले, युवासेना विभाग अधिकारी स्वप्निल सूर्यवंशी, सीनेट सदस्य प्रदीप सावंत, परम यादव, मयूर पांचाल तथा पूर्व सीनेट सदस्य राजन कोलंबेकर ने छात्रावास का दौरा किया।
बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहे छात्र
निरीक्षण के दौरान दो छात्रावास इमारतों में बाथरूम की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। विद्यार्थियों के पीने के पानी और नहाने के लिए गर्म पानी जैसी जरूरी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं होने की शिकायत सामने आई। ऐसे माहौल में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, छात्रावास में जगह नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन २०० रुपए शुल्क लेकर डॉरमेट्री में ठहराया जा रहा है। प्रतिनिधियों के अनुसार बेहद कम जगह में दस से अधिक विद्यार्थियों के रहने की स्थिति सामने आई।
वी.जे.टी.आई. जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं की उम्मीद की जाती है, लेकिन छात्रावास की कथित बदहाली ने इन दावों की पोल खोल दी है। जब विद्यार्थी ही अस्वच्छ और असुविधाजनक वातावरण में रहने को मजबूर हों तो उनके उज्ज्वल भविष्य की राह कितनी मुश्किल होगी, यह सवाल अब उठने लगा है। सरकार और प्रशासन की निगरानी के बावजूद ऐसी स्थिति बनी रहने पर विद्यार्थियों की शिकायतों को अब तक गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया, यह भी सवालों के घेरे में है।
शिवसेना-युवासेना ने मांगा जवाब
युवासेना ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने की नौबत क्यों आई, इसका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन से दोबारा मांगा जाएगा। छात्रों के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों को लेकर नगरसेविका माधुरी मांजरेकर मनपा कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराएंगी और आगे इस मामले पर नजर रखेंगी।

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