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५ हजार करोड़ रुपए की जमीन पर घमासान…शिंदे गुट के ‘मगरमच्छ’ पर कार्रवाई कब?

 -रोहित पवार का सवाल, ‘बड़े नामों पर हाथ कब पड़ेगा?’
-अब संजय शिरसाट पर कार्रवाई की मांग तेज

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में कथित ५ हजार करोड़ रुपए की जमीन के मामले ने एक बार फिर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। नई मुंबई में वन विभाग की जमीन से जुड़े मामले में बिवलकर परिवार के खिलाफ एक साल बाद एफआईआर दर्ज होने को लेकर एनसीपी नेता रोहित पवार ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपों के घेरे में आए तत्कालीन सिडको अध्यक्ष और मंत्री संजय शिरसाट जिन्हें शिंदे गुट का मगरमच्छ कहा जाता है, वे अब भी कार्रवाई से बचे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि नई मुंबई में करीब १५० एकड़ जमीन, जिसकी कीमत लगभग ५ हजार करोड़ रुपए बताई गई, बिवलकर परिवार को देने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुर्इं। उनके अनुसार, वर्ष २०२४ में सिडको अध्यक्ष बनने के बाद संजय शिरसाट ने जमीन बिवलकर परिवार को देने से संबंधित आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। जमीन आवंटन के पैâसले में कथित भूमिका निभाने वाले संजय शिरसाट पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। पवार ने दावा किया कि उन्होंने १८ अगस्त २०२५ को मुंबई में पत्रकार परिषद कर मुख्यमंत्री के सामने करीब १२ हजार पन्नों के दस्तावेज और कथित सबूत पेश किए थे।

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