मुख्यपृष्ठसमाचारवालधूनी नदी पुल पर बड़ा हादसा टला, नेत्रदिव्यांग गिरते-गिरते बचा

वालधूनी नदी पुल पर बड़ा हादसा टला, नेत्रदिव्यांग गिरते-गिरते बचा


सुरक्षा रेलिंग टूटी, दिव्यांगों ने मनपा से तत्काल सुधार की मांग की

अनिल मिश्रा / उल्हासनगर

उल्हासनगर कैंप नंबर तीन स्थित सीएचएम कॉलेज से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वालधूनी नदी पुल की सुरक्षा राम भरोसे नजर आ रही है। इस पुल से रोजाना हजारों नागरिकों का आना-जाना होता है, लेकिन सुरक्षा रेलिंग अधूरी और टूटी होने के कारण यह मार्ग खासतौर पर नेत्रदिव्यांगों के लिए खतरा बन गया है। मंगलवार को एक नेत्रदिव्यांग व्यक्ति पुल से गुजरते समय रेलिंग टूटने के कारण नदी में गिरते-गिरते बच गया। गनीमत रही कि वहां मौजूद एक सजग महिला ने समय रहते आवाज लगाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती तो वह व्यक्ति लगभग 20 फुट नीचे नदी में गिर सकता था।

दिव्यांग वर्ग ने इस घटना के बाद उल्हासनगर मनपा प्रशासन से तुरंत पुल की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

मनपा की सर्व शिक्षा अभियान प्रमुख एवं समुद्देशक श्रीमती संगीता विकास लहाने ने बताया कि चांदीबाई कॉलेज से स्टेशन की ओर जाने वाला यह मार्ग दिव्यांगों के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ठाणे जिले के सैकड़ों दिव्यांग नागरिक हर बुधवार को उल्हासनगर के मध्यवर्ती अस्पताल में प्रमाणपत्र बनवाने आते हैं। इसके अलावा करीब 25,000 दिव्यांग व्यक्ति मनपा के विभिन्न विभागों में कार्य से आते हैं। ऐसे में इस पुल की खराब स्थिति किसी भी समय बड़ा हादसा कर सकती है।

लहाने ने बताया कि पुल की रेलिंग की ऊँचाई मात्र तीन फुट है, जिसे कम-से-कम पांच फुट तक बढ़ाया जाना चाहिए। बीच में लोहे की रेलिंग टूटी हुई है, उसकी मरम्मत जरूरी है। साथ ही, स्टेशन और कॉलेज की दिशा में अधूरी रेलिंग को भी तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो दिव्यांग संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

इस संबंध में उल्हासनगर मनपा के सार्वजनिक बांधकाम विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं शहर अभियंता निलेश सिरसाठ ने कहा कि विभाग द्वारा पुल की स्थिति की जांच की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम जल्द उठाए जाएंगे।

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