-तीसरी बार बंट गया प्राथमिक शिक्षक संघ …संतोष प्रतापगढ़ी बने प्राशिसं (सुशील) के जिलाध्यक्ष
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
बेसिक शिक्षकों के हितों की लड़ाई लड़ने में आगे रहने वाले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की सुल्तानपुर में कलह एक बार पुनः सतह पर आ गई है। इसी के साथ तीसरी बार यह संगठन बंट गया है। वह भी उस वक़्त जब रविवार को ही संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुल्तानपुर में ही वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक में मौजूद थे। प्राशिसं (विनय तिवारी गुट) से नाता तोड़ दर्जनों पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्राथमिक शिक्षक संघ की नई इकाई का गठन कर लिया। जिसे प्राशिसं (सुशील पांडेय ) ने मान्यता भी प्रदान कर दी। कविता एवं हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अच्छी पैठ रखने वाले प्रखर वक्ता व कवि संतोष सिंह प्रतापगढ़ी को इस नए संगठन का निर्विरोध जिलाध्यक्ष व राहुल तिवारी राष्ट्रवादी को मंत्री चुन लिया गया है।
अमहट स्थित एक होटल के सभाकक्ष में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (सुशील पांडेय गुट) के जिला कार्यकारिणी की बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई, जिसमें दस वर्ष से बल्दीराय के ब्लाक अध्यक्ष रहे ने विनय तिवारी गुट त्याग कर सुशील पांडेय गुट में जिला कोषाध्यक्ष पद ग्रहण कर लिया। वहीं इसी तिवारी गुट में प्रवक्ता रह चुके राहुल राष्ट्रवादी व संतोष सिंह प्रतापगढ़ी भी बड़े सक्रिय सदस्य रहे। दोनों ने तिवारी गुट से नाता तोड़ पांडेय गुट की सदस्यता ग्रहण कर ली। तिवारी गुट में जिला उपाध्यक्ष रहे प्रमेन्द्र विक्रम सिंह ने भी त्यागपत्र देकर सुशील पांडेय गुट में शामिल हो गए। नए संगठन के जिला मंत्री राष्ट्रवादी ने बताया कि अभी और बड़ी संख्या में विनय तिवारी गुट के लोग संघ को छोड़कर सुशील पांडेय गुट में शामिल होंगे।इस अवसर पर गोरखपुर-अयोध्या स्नातक क्षेत्र के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि डॉ अजय सिंह, अमेठी के संयुक्त मंत्री अनिल कुमार यादव, ब्लॉक अध्यक्ष मुसाफिरखाना संतोष कुमार यादव, ब्लॉक अध्यक्ष जगदीशपुर अकील अहमद, के के सिंह पूर्व अध्यक्ष कुड़वार, कूरेभार ब्लॉक से आवेश विक्रम सिंह, लंभुआ ब्लॉक से जितेंद्र त्रिपाठी, दुबेपुर ब्लॉक से बृजेश मौर्य, बल्दीराय ब्लॉक से संदीप सिंह, अखिलेश वर्मा, अतरसेन यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे। बता दें कि प्राथमिक शिक्षक संघ में विघटन की शुरुआत डेढ़ दशक पूर्व ही शुरू हो गई थी। पहली बार प्राशिसं में विभाजन हुआ तो मूल संगठन से कटकर प्राथमिक शिक्षक संघ (दिलीप पांडेय) पूरी मजबूती से जिले में वजूद में आया। हालांकि प्राशिसं (उपाध्याय) भी जमा रहा। अब एक बार फिर संतोष प्रतापगढ़ी के नेतृत्व में उभरी प्राशिसं की नई बागी टीम शिक्षक राजनीति के क्षेत्र में नई इबारत लिखने की तैयारी में जुट गई है।
