-पुलिस को पीटा, वर्दी फाड़ी, धमकाया
-मुलुंड में बीजेपी उपाध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा के कुछ नेताओं पर सत्ता के प्रभाव में कानून की मर्यादा भूलने के आरोप लग रहे हैं। कभी डॉक्टरों से विवाद तो कभी पुलिसकर्मियों से कथित बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं। मुलुंड में शुक्रवार देर रात हुई घटना ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। मुलुंड पुलिस ने भाजपा के नॉर्थ-ईस्ट मुंबई जिला उपाध्यक्ष कौशिक पाटील के खिलाफ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
‘मैं तुम्हें सस्पेंड करवा सकता हूं’
मुलुंड में पुलिस कांस्टेबल भाऊसाहेब इंगले और उनके साथी शुक्रवार रात गश्त पर थे। रात करीब १२.५० बजे एलबीएस रोड स्थित स्वप्न नगरी, सिएस्टा टावर के बाहर उन्हें भीड़ जमा दिखाई दी। पुलिस के अनुसार, वहां एक समूह कथित तौर पर जन्मदिन मना रहा था।
पुलिसकर्मियों ने भीड़ को वहां से हटने के लिए कहा। इसी दौरान कौशिक पाटील वहां पहुंचे। एफआईआर के अनुसार, पाटील ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और कांस्टेबल के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की और धमकी दी।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पाटील ने खुद को एक सांसद और भाजपा जिला अध्यक्ष का भाई बताया। उन्होंने कथित तौर पर कहा, ‘मैं तुम्हें सस्पेंड करवा सकता हूं।’ पुलिस के मुताबिक, जब उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई तो वह विरोध करने लगे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कांस्टेबल भाऊसाहेब इंगले को धक्का दिया, छाती पर घूंसा मारा और उनकी वर्दी की जेब फाड़ दी। इस घटना में पुलिसकर्मी की नेमप्लेट भी टूटने का दावा किया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद मुलुंड में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को पद या राजनीतिक पहचान के आधार पर कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। अब सभी की नजरें मुंबई पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
