मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात :  तीन दिल, एक लाश...पागलपन से भरी ट्रायंगल लव स्टोरी

तहकीकात :  तीन दिल, एक लाश…पागलपन से भरी ट्रायंगल लव स्टोरी

फिरोज खान

प्यार, धोखा और खून। यह किसी वेब सीरीज का प्लॉट नहीं, बल्कि शहर के एक फ्लैट में बीते हफ्ते घटी एक दर्दनाक घटना है। एक लड़का, दो लड़कियां और आखिर में एक कत्ल। पुलिस इसे ‘ट्रायंगल लव स्टोरी मर्डर’ कह रही है। सवाल यह है कि इसे मोहब्बत कहें या पागलपन?
२५ वर्षीय रोहन मलाड के एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था। इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती पहले प्रिया से हुई। दो साल तक चैट, मुलाकातें और साथ निभाने के वादे चलते रहे। फिर ऑफिस में उसकी मुलाकात आईशा से हुई। नई दोस्ती, नया आकर्षण और खास होने का एहसास। रोहन ने प्रिया को इस रिश्ते के बारे में कुछ नहीं बताया। जब प्रिया को शक हुआ तो उसने रोहन का पीछा किया। १४ अगस्त की रात तीनों आमने-सामने थे। रोहन के किराए के फ्लैट में। पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब ११ बजे फ्लैट से तेज बहस और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आर्इं। इसके बाद अचानक सन्नाटा छा गया।
अगली सुबह जब मकान मालिक किराया लेने पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। फर्श पर रोहन की लाश पड़ी थी। उसके गले पर चाकू के गहरे निशान थे। कमरे में प्रिया बेहोशी की हालत में मिली, जबकि आईशा मौके से फरार थी।
प्रिया को होश आने पर उसने पुलिस को बताया, ‘मैं उससे बात करने गई थी। तभी आईशा भी आ गई। दोनों के बीच झगड़ा हुआ। गुस्से में आईशा ने…’ इसके बाद वह कुछ नहीं बोल पाई। प्यार इतना सस्ता वैâसे हो गया? दो साल का रिश्ता और दो महीने की नई दोस्ती। रोहन दोनों को धोखे में रख रहा था। लेकिन क्या धोखे की सजा मौत हो सकती है? आज रिश्ते मानो ‘ऑप्शन’ बन गए हैं। जिसे चाहा, उसे चुना। मन बदला तो ब्लॉक कर दिया।
गुस्सा या साजिश?
पुलिस को शक है कि यह सिर्फ आवेश में किया गया कत्ल नहीं था। सवाल यह है कि आईशा अपने साथ चाकू क्यों लाई थी? क्या वह पहले से हत्या की योजना बनाकर आई थी? ट्रायंगल लव स्टोरी में अक्सर तीसरे को विलेन कहा जाता है, लेकिन यहां कहानी कहीं ज्यादा उलझी हुई है।
हम कहां जा रहे हैं?
मुंबई जैसे शहर में अकेले रहना, देर रात की पार्टियां और सोशल मीडिया पर बनते रिश्ते अब आम बात हैं। लेकिन क्या हमारी भावनात्मक परिपक्वता भी उतनी ही बढ़ी है? क्या हम ब्रेकअप और असफल रिश्तों को संभालना सीख पाए हैं? जवाब शायद ‘नहीं’ है। थोड़ी-सी जलन और हाथ में चाकू।
आखिरी बात
रोहन की मां आज भी थाने के चक्कर काट रही है। उनका कहना है, ‘मेरा बेटा गलत था, लेकिन उसे मारना नहीं चाहिए था।’ प्रिया अस्पताल में जिंदगी और सदमे से जूझ रही है। आईशा जेल में है। मुंबई भागती है, कमाती है और जीती है। लेकिन रिश्तों के मामले में हम आज भी सबसे ज्यादा नादान हैं। प्यार में ‘ना’ सुनने का धैर्य नहीं, धोखा मिलने पर बातचीत की समझ नहीं और गुस्सा आने पर खुद पर काबू नहीं।
तीन दिल मिले थे। एक बेवफा निकला, एक जुनून में बह गया और एक… हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया। अगली बार जब आप किसी से ‘आई लव यू’ कहें, तो एक पल यह भी सोचिए कि प्यार और नफरत के बीच की दूरी आखिर कितनी है।

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