मुख्यपृष्ठसमाचारमोमबत्ती की रोशनी में शहादत-ए-इमाम हसन अस्करी पर निकाला गया ताबूत

मोमबत्ती की रोशनी में शहादत-ए-इमाम हसन अस्करी पर निकाला गया ताबूत

मजलिस जो आज इब्ने अली उन नकी की है!
तारीख ये वफाते हसन अस्करी की है!

राजेश सरकार / प्रयागराज
माहे रबीउल अव्वल की सातवीं को इमाम हसन अस्करी इब्ने अली नकी की शहादत की शब में इमामबाड़ा मिर्जा नकी बेग, चकय्यानीम में चुप ताजिया के अशरे की मजलिस हुई। यह मजलिस सगीर हुसैन सग्गी साहब द्वारा कायम की गई थी, जो इस दफा मौजूदा आयोजक बशीर हुसैन के संयोजन में हुई।
इसमें रजा इस्माईल सफवी, काजिम अब्बास और शहंशाह सोनवी ने अलग-अलग दिनों में मर्सियाख्वानी की। वहीं, मौलाना सैय्यद रजी हैदर रिजवी ने शहादत-ए-इमाम हसन अस्करी का मार्मिक अंदाज में वर्णन किया। मजलिस के बाद इमामबाड़े की लाइटें बुझाकर मोमबत्ती की रोशनी और सुगंधित लोबान की धूनी के बीच गुलाब व चमेली के फूलों से सजा विशाल ताबूत जियारत के लिए निकाला गया। अंजुमन हैदरिया रानीमंडी के नौहाख्वानों ने पुरदर्द नौहा पढ़ा।
इस दौरान बशीर हुसैन, असद हुसैन बब्बू, हसन रिजवी, बब्लू, हैदर, मूसी आदि शामिल रहे।
वहीं, बख्शी बाजार में स्व. अबरार हुसैन के अजाखाने पर मिर्जा अजादार हुसैन की ओर से आयोजित सालाना मजलिस में सैय्यद हैदर मेंहदी और अलमदार काजमी ने सोजख्वानी की, जबकि शायर अनवार अब्बास ने पेशख्वानी की। मौलाना सैय्यद ऊरुज अब्बास साहब ने मजलिस को खिताब किया। अंजुमन गुन्चा-ए-कासिमया, बख्शी बाजार ने नौहा पढ़कर पुरसा पेश किया।
अय्याम-ए-अजा का आखिरी दिन
पैगम्बरे इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन और अन्य खानदाने रिसालत की गमगीन शहादत में दो माह और आठ दिनों तक चलने वाले मातमी कार्यक्रम माहे रबीउल अव्वल की आठवीं यानी 22 अगस्त, शनिवार को संपन्न होंगे। इस दिन रानीमंडी चकय्यानीम स्थित इमामबाड़ा मिर्जा नकी बेग से सुबह 9 बजे चुप ताजिया का जुलूस और दरियाबाद हवेली से दोपहर एक बजे निकलने वाला अमारी जुलूस निकलेगा।
अंजुमन गुन्चा-ए-कासिमया, बख्शी बाजार के प्रवक्ता सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार, रानीमंडी से निकलने वाला जुलूस बशीर हुसैन की कयादत में अंजुमन हैदरिया रानीमंडी द्वारा निकाला जाएगा। यह रानीमंडी, बच्चा जी धर्मशाला, डॉ. चड्ढा रोड, कोतवाली, नखास कोहना, खुल्दाबाद और हिम्मतगंज होते हुए चकिया स्थित करबला पहुंचकर संपन्न होगा।
वहीं, दूसरा बड़ा अमारी जुलूस तूराब हैदर की देखरेख में हवेली से उठकर दरियाबाद की गलियों में गश्त करते हुए इमामबाड़ा अरब अली खान पहुंचकर संपन्न होगा।
जुलूस में अंजुमन शब्बीरिया रानीमंडी, अंजुमन गुन्चा-ए-कासिमया बख्शी बाजार, अंजुमन मजलूमिया रानीमंडी, अंजुमन अब्बासिया रानीमंडी, अंजुमन गुलजार-ए-कासमी इलाहाबाद, अंजुमन हुसैनिया कदीम दरियाबाद और अंजुमन हाशिमया दरियाबाद सिलसिलेवार जुलूस में शिरकत करेंगी।

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