राजेश सरकार / प्रयागराज
करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से दूर 20 हजार का इनामी बदमाश आखिरकार शनिवार को शिकंजे में आ गया। मेजा पुलिस ने ऊंचडीह बस अड्डे पर घेराबंदी कर उस चेहरे को दबोच लिया, जो लंबे वक्त से कानून को चुनौती दे रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त करिया कोल उर्फ करिया नट एक ऐसा नाम, जो 2022 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले के बाद से ही फाइलों में ‘वांछित’ बनकर घूम रहा था। उसके बाकी साथी पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच चुके थे, लेकिन करिया हर बार पुलिस की पकड़ से फिसल जाता था। मामला यमुनानगर के थाना कोरांव में दर्ज गैंगस्टर एक्ट का है जिसमें पांच लोगों का गिरोह चिन्हित हुआ था। चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर सिर्फ एक शख्स पर टिकी थी, वह था करिया। गिरफ्तारी न होने पर उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शनिवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर मेजा पुलिस ने ऊंचडीह बस अड्डे को घेर लिया। कुछ ही देर में करिया वहां पहुंचा। शायद एक और दिन बच निकलने की उम्मीद में, लेकिन इस बार रास्ता बंद था। पुलिस ने बिना शोर-शराबे के उसे दबोच लिया। करिया का आपराधिक रिकॉर्ड भी कम लंबा नहीं है। चोरी, अवैध गतिविधियां और गैंगस्टर एक्ट तक के मामले पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे नियमानुसार न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया है।
