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अखिलेश हमारे अजीज हैं, मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं-आजम खां

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने सीतापुर जेल से रिहाई के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। आजम खां ने कहा कि अखिलेश मेरे अजीज हैं, मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं। अखिलेश से बातचीत के सवाल पर कहा कि आग न लगाओ। सपा छोड़ने और बसपा ज्वाइन करने के सवाल पर यहां तक कह दिया कि मैं बिकाऊ नहीं हूं। आजम के परिवार की सपा से नाराजगी और बसपा में जाने की अकटकलों पर एक तरह से आज खुद ही विराम लगा दिया है।बता दें कि कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा आजम खां को हाईकोर्ट से जमानत मिलने और रिहाई की तैयारी के साथ ही भ्रमित प्रचार किया जा रहा था। सबसे ज्यादा इस बात की ही चर्चा थी कि आजम सपा से नाराज हैं और जेल से बाहर आने पर बसपा का दामन थामेंगे। चर्चा तो यहां तक होने लगी कि आगामी 9 अक्टूबर को बसपा की होने वाली बड़ी रैली में आजम खां भी शामिल होंगे। सीतापुर जेल से रामपुर अपने घर जाते समय कुछ बातें आजम ने इशारों में बोली तो नई अटकलें भी लगने लगीं। अब बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

उन्होंने साफ कहा, हम बिकाऊ माल नहीं हैं, हमने यह साबित कर दिया है। हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है, जिसे हमने संभालकर रखा है। उन्होंने कहा-लोग हमारी इज्जत करते हैं, यह हमारे लिए काफी है। शायद हमारे चरित्र की वजह से ही लोग सम्मान देते हैं। बसपा के 9 अक्तूबर को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में भागीदारी के सवाल पर आजम ने तंज किया और बोले- जिनका कार्यक्रम है, उन्हें मुबारक। हम बिकाऊ माल नहीं हैं, इतने दिनों में यह साबित कर चुके हैं।आजम खां ने कहा कि अखिलेश नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की औलाद हैं। नेताजी की तरह हम भी उनसे मुहब्बत करते हैं।

अखिलेश यादव का फोन आने के सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया। कहने लगे आप मेरा यकीन मानिए, मुझे पूरी दुनिया में एक ही नंबर याद था और वो मेरी पत्नी का था। अब मैं वह नंबर भी भूल गया हूं। अब तो मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया। कहा कि जो शख्स 5 साल जेल में रहा हो, वह मोबाइल कैसे चला पाएगा? जब पूछा गया कि सैफई और रामपुर के बीच दूरियां हैं, अखिलेश यादव ने फोन किया या नहीं, सपा का कोई शीर्ष नेता आपसे मिलने क्यों नहीं आया। इस पर आजम मुस्कुराए और बोले-आग मत लगाओ। वैसे भी बड़े नेताओं को लेने बड़े नेता जाते हैं, मैं तो छोटा-सा कार्यकर्ता हूं। मैं बड़ा नेता नहीं, मैं बड़ा खादिम हूं। सपा सरकार बनने पर मुकदमे वापसी के अखिलेश के ऐलान पर कहा कि शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर मेरे मुकदमों दम होता तो मैं इस वक्त यहां नहीं होता।एसटी हसन के टिकट कटवाने के सवाल पर आजम ने कहा कि मेरी कहां हैसियत कि मैं किसी का टिकट कटवाऊं। मैं अपने यहां टिकट नहीं दिलवा सका, उनका कैसे कटवा सकता हूं। एसटी हसन हमारे लीडर हैं, हमारे बड़े हैं”  बता दें कि 8 अक्टूबर को अखिलेश यादव आजम खां से मिलने रामपुर जायेंगे।

 

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