दिल्ली विधानसभा में एक अजीबो-गरीब नौकरी की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी ८ घंटे की शिफ्ट में होती है, लेकिन उनका मुख्य काम बंदरों को भगाना और विधानसभा परिसर में शांति बनाए रखना है। सूत्रों के अनुसार, यह काम न केवल मजेदार लगता है, बल्कि कभी-कभी चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है, क्योंकि बंदरों के अलावा परिसर में आने वाले अन्य अनजान जानवरों और लोगों का ध्यान भी रखना पड़ता है।
इसके साथ ही सवाल उठता है कि इस तरह की नौकरी पर कितनी सैलरी मिलती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह काम न्यूनतम वेतन के हिसाब से है, लेकिन ऑफिशियल जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि जनता और कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित नौकरी देने के बजाय, सरकार अजीब और हास्यास्पद जिम्मेदारियों के लिए कर्मचारियों को मजबूर कर रही है।
जनता व कर्मचारी ने सरकार पर उठाए सवाल
विपक्ष ने मांग की है कि इस तरह की ‘अजीब और तुच्छ’ नौकरियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और कर्मचारियों के वेतन और काम की मर्यादा सुनिश्चित की जाए। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है, जहां जनता और कर्मचारी दोनों सरकार की नीति पर सवाल उठा रहे हैं। अगर चाहें तो मैं इसके लिए सनसनीखेज विपक्षी हेडिंग भी तैयार कर दूं, जो वायरल और ड्रामेटिक लगे।
