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बिहार के पास बनेगा चिकेन नेक अंडरग्राउंड रेल लाइन

 अनिल मिश्र / पटना

बिहार प्रदेश के सीमांचल से मशहूर कटिहार जिले के कटिहार रेलवे डिवीजन के कुमेदपुर से आमबाड़ी फालाकाटा के बीच देश की पहली पूरी तरह अंडरग्राउंड रेलवे लाइन बनाई जाएगी। दरअसल, चिकन नेक की सुरक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों को हर मौसम में मुख्य भारत से जोड़े रखने के लिए यह प्रोजेक्ट 2033 तक पूरा होगा। कटिहार रेलवे डिवीजन के कुमेदपुर से आमबाड़ी फालाकाटा के बीच एक ऐतिहासिक रेल परियोजना की आधारशिला रख दी गई है। करीब 51 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह रेल रूट पूरी तरह से भूमिगत यानी जमीन के नीचे होगा। अंडरग्राउंड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह से कटिहार रेल डिवीजन की देखरेख में तैयार किया जा रहा है।इस अंडरग्राउंड मार्ग के बन जाने से बिहार के सीमांचल क्षेत्र, खासकर किशनगंज और आसपास के इलाकों की सुरक्षा बेहद मजबूत हो जाएगी। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों के साथ बिहार के बिजनेस और लॉजिस्टिक्स को एक ऐसा सुरक्षित रास्ता मिल जाएगा, जो हर मौसम में चालू रहेगा। इससे व्यापार में आने वाली रुकावटें हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी। कुमेदपुर स्टेशन पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में है और आमबाड़ी फालाकाटा जलपाईगुड़ी जिले में आता है, जो सिलीगुड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी के काफी पास है। यह पूरा का पूरा रेलवे रूट बिहार के किशनगंज जिले से होकर गुजरता है। दरअसल अपने देश के नक्शे में सिलीगुड़ी गलियारे को चिकन नेक कहा जाता है, जो रणनीतिक रूप से देश का सबसे संवेदनशील हिस्सा है. यह संकरा रास्ता मुख्य भारत को नार्थ-ईस्ट के आठ राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी रूट है। इसकी चौड़ाई कुछ जगहों पर सिर्फ 20 से 25 किलोमीटर ही है। गौरतलब हो कि 1947 में हुए देश के विभाजन के बाद से इस इलाके की अहमियत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यह रास्ता पूर्वोत्तर के 4 करोड़ से ज्यादा लोगों की लाइफलाइन होने के साथ-साथ सेना के साजो-सामान, व्यापार और बिजली-पानी की सप्लाई का मुख्य आधार है।

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