उमेश गुप्ता / वाराणसी
लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज और उनके चैम्बर्स में की गई तोड़फोड़ के विरोध में वाराणसी के वकीलों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस मुद्दे को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने लखनऊ की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था पर हमला बताया। बार प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस प्रकार वकीलों पर लाठियां बरसाई गईं और उनके चैम्बर्स को नुकसान पहुंचाया गया, उससे प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। बार एसोसिएशन ने प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि घटना के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो, घायल अधिवक्ताओं के इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाए तथा जिन वकीलों के चैम्बर्स को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। अधिवक्ताओं ने साफ किया कि बनारस बार और सेंट्रल बार इस मामले में लखनऊ बार सहित प्रदेश की अन्य बार एसोसिएशनों के संपर्क में हैं। यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आगे की रणनीति तय कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन से साफ है कि लखनऊ की घटना को लेकर अधिवक्ता समुदाय में गहरा रोष है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
