सामना संवाददाता / मुंबई / पाली
मारवाड़ क्षेत्र में जल संकट के स्थायी समाधान एवं अरावली पर्वतमाला में बड़े पक्के बांधों के निर्माण की मांग को लेकर चल रहे जनअभियान ने अब प्रशासनिक स्तर पर नई गति पकड़ ली है। पाली जिले के बागोल स्थित कांकलावास बांध के अधूरे पड़े निर्माण एवं विस्तार कार्य को पुनः प्रारंभ कराने की मांग संबंधी विस्तृत ईमेल ज्ञापन जिला कलेक्टर पाली, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) तथा मुख्यमंत्री कार्यालय राजस्थान को प्रेषित किया गया है।
समाजसेवी भरतकुमार सोलंकी द्वारा भेजे गए इस ईमेल में बताया गया कि कांकलावास बांध परियोजना मारवाड़ क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों एवं भविष्य की जल सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। ईमेल के साथ पिछले पाँच दशकों से मारवाड़ में जल संकट और बड़े बांधों की मांग से संबंधित 48 समाचार पत्रों की कटिंग्स तथा जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत ज्ञापन की आवक पावती प्रति भी संलग्न की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों, ग्रामीणों और प्रवासी मारवाड़ी समाज के हजारों लोगों द्वारा चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से इस जनहितकारी मांग को व्यापक समर्थन मिला है। ज्ञापन में प्रशासन से यह निवेदन किया गया कि कांकलावास बांध परियोजना के पुनः सर्वेक्षण एवं पुनर्जीवन संबंधी प्रस्ताव को विभागीय प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँचाया जाए तथा उसकी अद्यतन स्थिति से ग्रामीणों को अवगत करवाया जाए।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि अरावली पर्वतमाला में प्रस्तावित बड़े पक्के बांधों का निर्माण किया जाता है तो मारवाड़ क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा तथा किसानों और युवाओं के लिए आर्थिक विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक बांध निर्माण की मांग नहीं, बल्कि “मारवाड़ के हरित और समृद्ध भविष्य” का संकल्प है, जिसे अब जनसमर्थन के साथ प्रशासनिक स्तर तक मजबूती से पहुँचाया जा रहा है।
